सहारनपुर। हत्या के प्रयास के एक मामले में प्रभावी पैरवी के चलते देवबंद स्थित अपर सत्र न्यायालय ने चार अभियुक्तों को छह-छह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर कुल 32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला पुलिस की ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी के बाद सुनाया गया।

घर में घुसकर किया था जानलेवा हमला

मामला थाना नानौता क्षेत्र के गांव आभा का है। पुलिस के अनुसार, 26 मई 2020 को फैजयाब पुत्र उमरदराज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के जुल्फकार पुत्र हलीम खां, अनवार पुत्र जुल्फकार, आमिर पुत्र शमीम और फैसल पुत्र शमीम ने बलकटी, दरांती और लाठी-डंडों से लैस होकर उसके घर में घुसकर उसके पिता उमरदराज पर जान से मारने की नीयत से हमला किया था। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। शिकायत के आधार पर थाना नानौता में चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 227/2020 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 452, 504 और 506 में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई सत्र परीक्षण संख्या 104/2021 के अंतर्गत अपर सत्र न्यायाधीश, देवबंद की अदालत में हुई।

पुलिस की पैरवी से दोषियों को सजा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल ने मामले में प्रभावी पैरवी की। पुलिस के प्रयासों के चलते 13 अक्टूबर 2026 को न्यायालय ने जुल्फकार, अनवार, आमिर और फैसल को हत्या के प्रयास तथा घर में घुसने से संबंधित धाराओं 307 और 452 में दोषी करार देते हुए छह-छह वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 32 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। हालांकि, न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 504 और 506 के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। मामले में शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) देवी दयाल शर्मा रहे। विवेचना निरीक्षक गुलाब सिंह ने की, जबकि थाना नानौता के हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने पैरोकार की भूमिका निभाई।