न्याय न मिलने पर महिला ने पूरे परिवार को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग

dehradun nagar nigam
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देहरादून l दो भाइयों के विवाद का फायदा उठाकर घर में फैली गंदगी के नाम पर नगर निगम के सुपरवाइजर ने पहले तो एक भाई से मिलीभगत कर दूसरे का 50 हजार रुपये का चालान कर दिया। जब मामले की शिकायत डीएम, नगरायुक्त, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक से की गई तो नौकरी बचाने के लिए सुपरवाइजर ने दूसरे अब पहले वाले का भी 50 हजार रुपये का चालान कर दिया। पिंकी देवी पत्नी सुनील कुमार निवासी गणेश विहार, अजबपुर खुर्द ने मंगलवार को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक से न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही न्याय न मिलने पर पूरे परिवार को इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की है।

पीड़ित महिला का कहना है कि उसका देवर अशोक खुराफाती किस्म का है। उसकी संगत के लोग भी गलत किस्म के हैं उसने सास-ससुर को भी बरगला कर अपने पक्ष में किया हुआ है, जबकि उसके ससुर दूसरी जगह रहे हैं। वह दोनों बुजुर्गाें को आगे कर जगह-जगह उनकी झूठी शिकायतें कराता रहता है। जिससे सभी उनका पक्ष लेते हैं। अशोक की गलत हरकताें से तंग आकर उसकी पत्नी शादी के कुछ दिन बाद ही उसे छोड़कर जा चुकी है। उसने बिजनौर जिले में अशोक पर उत्पीड़न और दहेज का मुकदमा किया हुआ है। इसके अलावा उसकी हरकतों से तंग आकर जेठ परिवार सहित घर छोड़कर दूसरी जगह किराये पर रहते हैं।

पिंकी ने बताया कि अब अशोक नगर निगम के सुपरवाइजर रोहित से मिलकर उसे उनका मकान बेचना चाहता है। उसने नेहरू कॉलोनी थाने के कई पुलिसकर्मियों को भी अपने साथ मिला रखा है। इसके लिए उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है। ताकि हम तंग आकर घर छोड़कर चले जाएं। आरोप है कि रोहित ने उनसे कहा कि वह बिना रजिस्ट्री के भी मकान पर कब्जा कर लेगा, कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। इसलिए उसने परेशान करने के लिए गंदगी फैलाने के नाम पर उनका 50 हजार रुपये का चालान काट दिया था। हमने न्याय की गुहार लगाते हुए जब इसकी शिकायत राष्ट्रपति तक से की तो वहां से संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। जिस पर अब मंगलवार की सुबह सुपरवाइजर रोहित ने अशोक का भी 50 हजार का चालान काट दिया।

पिंकी ने बताया कि जब मेरे पति नोटिस चिपकाने के दाैरान का फोटो खींचने लगे तो वह जान से मारने और एससीएसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देते हुए चला गया। कुछ ही देर में पुलिसकर्मी भी मौका पर पीड़ित के घर जा धमके और बिना किसी अपराध के उसे जबरन चौकी ले जाने लगे। उसके पति जैसे तैसे उनसे अपनी जान बचाकर मजदूरी पर गए। महिला ने बताया कि पहले भी वह चौकी प्रभारी व पुलिसकर्मियों की शिकायत पुलिस शिकायत प्राधिकरण में कर चुकी हैं, इसलिए वे दवाब बनाने के लिए उसे व पति को परेशान कर रहे हैं। पीड़िता ने मुख्यमंत्री, एसएसपी, डीएम, नगर आयुक्त, नगर निगम, राज्य महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग, डीजीपी, राज्यपाल से न्याय की गुहार लगाई है।

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