नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, इसी मामले में गिरफ्तार अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। तीनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद रात करीब तीन बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार सुबह तीनों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।

CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि तीनों के खिलाफ बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद तिहाड़ जेल ले जाए जाने की संभावना जताई गई है।

बताया गया है कि आशुतोष और सौरव को 10 अक्टूबर को भी फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। ताजा कार्रवाई के बाद पार्टी ने पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार देश में इमरजेंसी लगाना चाहती है, तो उसे आधिकारिक रूप से ऐसा करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति क्यों बनाई जा रही है।

दीपके ने आरोप लगाया कि सौरव, आशुतोष और अजिंक्य को हिरासत में रखने के दौरान उन्हें अपने वकीलों से मिलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन लोगों का अपराध क्या है, जिसके चलते आशुतोष और सौरव को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

फिलहाल, मामले में अदालत की कार्रवाई और पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।