देहरादून । उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री मार्ग पर स्थित धराली में प्राकृतिक आपदा के मलबे में दबे ऐतिहासिक कल्प केदार मंदिर को फिर से पुराने स्वरूप में देखने की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों के सहयोग से 11 अक्टूबर से मंदिर की खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। खुदाई के दौरान मंदिर का कुछ हिस्सा दिखाई देने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।

कल्प केदार मंदिर स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। गंगोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी इस मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। प्राकृतिक आपदा के बाद मंदिर के मलबे में दब जाने से क्षेत्र के लोगों को गहरा नुकसान और निराशा हुई थी। अब खुदाई शुरू होने और मंदिर का हिस्सा नजर आने से लोगों को इसके फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौटने की उम्मीद बंधी है।

ग्रामीणों को विश्वास है कि मंदिर के पुनर्निर्माण से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को फिर से मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही धराली बाजार में भी पहले जैसी रौनक लौटने की उम्मीद है। मंदिर के पुनर्निर्माण से धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावनाएं भी हैं।

ग्रामीणों ने मंदिर की खुदाई और पुनर्निर्माण के कार्य में सरकार तथा जिला प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा की है। उनका कहना है कि इस ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इससे जुड़ी आस्था और विरासत को जान सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कल्प केदार मंदिर के पुनर्निर्माण की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार और प्रशासन के सहयोग से मंदिर को दोबारा स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। फिलहाल, खुदाई के दौरान मंदिर का हिस्सा दिखाई देना धराली के ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है।