मणिपुर के हालात पर चर्चा करने व अपने माइग्रेन से संबंधित प्रदेश कांग्रेस से मिल कर मदद की मांग की

1 0

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में मणिपुर में पढ़ने वाले छात्रों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार से मिला। मणिपुर में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र जान बचाकर दिल्ली आए और गुहार करते हुए बताया कि वहां के हालात बहुत ही बेकाबू हैं और जल्द नियंत्रित होने के कोई आसार नही है। लोगों को दंगाईयों द्वारा सरेआज कत्ल कर लाशें सड़कों पर सड़ रहे हैं।

महिलाआंे की अस्मिता खुले आम नौची जा रही है और सामूहिक बलात्कार व हत्याऐं आम बात हैं। स्कूल, कॉलेज बंद है और न जाने कब खुलेंगे। यह छात्र अब मणिपुर वापस पढ़ने के लिए जाकर अपनी जान खतरे में नही डालेंगे। इन्होंने मांग की कि सरकार से मदद करवाकर इनका माइग्रेशन दिल्ली अथवा किसी अन्य राज्य में करवा दिया जाऐ।

चौ0 अनिल कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया और कहा कि मणिपुर में चल रहे दंगों, देश के हालातों और भाजपा की केन्द्र सरकार की तानाशाही के खिलाफ कल 23 जुलाई, 2023 कांग्रेस जंतर मंतर पर मौन सत्याग्रह कर रही है जिसमें दिल्ली कांग्रेस के हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के अलावा केन्द्रीय नेतृत्व की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। मणिपुरी लोगों की दुर्दशा को उजागर करने और वहां शांति लाने के लिए हालात को नियंत्रित करने में मदद करें।

चौ0 अनिल कुमार ने मणिपुरी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि मणिपुर जल रहा है, वहां हिंसा में लोग मारे जा रहे और हजारों लोग प्रभावित हो रहे है जिसका जायजा लेने के लिए श्री राहुल गांधी जी द्वारा मणिपुर यात्रा के दौरान मैतेई और कुकी समुदायों से मिलने बाद ही केन्द्र की भाजपा सरकार व मणिपुर सरकार हिंसा पर गंभीरता से ध्यान दिया है परंतु पिछले दो महीने से अधिक समय तक चुप रहने और राज्य में शांति लाने के लिए मणिपुर के मुख्यमंत्री की निष्क्रियता और अक्षमता को पूरे देश ने देखा है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मणिपुर की दंगाई और दर्दनाक परिस्थितियों को नियंत्रित करने की बजाय मणिपुर मुख्यमंत्री भाजपा की परिचित शैली में बयान देकर यह साबित कर दिया है कि भाजपा का देशवासियों के संकट के प्रति कोई दायित्व नही है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री दंगों को नियंत्रित करने की जगह कह रहे है कि मणिपुर में ऐसी सैंकड़ों घटनाऐं हुई है और कई एफआईआर दर्ज है। उन्हांेने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मणिपुर पर बयान कि मणिपुर हिंसा से देश का सिर नीचा हो रहा है पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना है और मणिपुर की स्थिति नियंत्रित करने व जायजा लेने की बजाय राजस्थान और छत्तीसगढ़ का जिक्र करना देश की जनता को भ्रमित करने वाला है।

advertisement at ghamasaana