फिलिस्तीन के समर्थन में उतरा जमीयत, मदनी बोले-प्रधानमंत्री करें हस्तक्षेप

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सहारनपुर। भारत भले ही इजरायल का समर्थकर रहा हो, लेकिन भारत के कुछ इस्लामी संगठन फिलिस्तीन का समर्थन कर रहे हैं। उनके अनुसार इजरायल अपने फायदे के लिए फिलिस्तीनियों पर जुर्म कर रहा है। जिसके लिए भारत को मध्यस्थता करनी चाहिए। इस बारे में जमीयत उलमा.ए.हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने फिलिस्तीन में इजरायल के हमले की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसे तत्काल रोकने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इजराइल.फिलिस्तीन संघर्ष के समाधान में प्रभावी भूमिका निभाने की मांग की है।

अपने एक बयान में मौलाना महमूद मदनी ने वैश्विक शक्तियों, संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद और वर्ल्ड मुस्लिम लीग आदि से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। मौलाना मदनी ने कहा कि भारत के लोग फिलिस्तीनियों के साथ हैं। क्योंकि यह लोग पिछले 75 वर्षों से इजराइल के दमनकारी कब्जे और हिंसा से त्रस्त हैं।

इसी वजह से वह आज भी अपनी ही मातृभूमि में कैदियों की तरह रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि निःसंदेह फिलिस्तीन के लोगों का संघर्ष अपनी मातृभूमि की आजादी और पहले किबला ;पहले जिस तरफ रुख करके नमाज पढ़ी जाती थी, को फिर से प्राप्त करने के लिए है। मौलाना महमूद ने कहा कि इस संघर्ष का मूल आधार इजराइल द्वारा फिलिस्तीन पर अवैध कब्जा और विस्तारवादी सोच है।

संयुक्त राष्ट्र के निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार इसे जल्द से जल्द हल किया जाए। उन्होंने युद्ध की शर्मनाक रिर्पोटिंग करने और अधिकारों की बहाली के लिए लड़ रहे राष्ट्र को आतंकवादी कहने पर चिंता और नाराजगी व्यक्त की। मौलाना मदनी ने देश के प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वह इजराइल.फिलिस्तीन संघर्ष के समाधान में प्रभावी भूमिका निभाएं। साथ ही इजराइल का समर्थन करने के बजाय न्याय की मांग के अनुसार स्थाई शांति की स्थापना और निर्दोष नागरिकों की जान बचाने के लिए अपने प्रभाव का सही उपयोग करें।

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