Balarampur news : साल में एक दिन खुलता है राधा कृष्ण का यह मंदिर, पूरी होती है भक्तों की हर मुराद

radha krishan mandir
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बलरामपुर। जिले में एक ऐसा मंदिर है जो आम जनता के लिए साल में केवल एक दिन खोला जाता है, बाकि 364 दिन बाहर के लोगों के लिए इसके दरवाजे बंद रहते हैं। करीब 150 सौ साल से मंदिर में यही परंपरा चली आ रही है। ऐसा माना जाता है कि यहां अक्षय नवमी के दिन राधा कृष्ण की पूजा के बाद सच्चे मन से जो भी मन्नत मांगी जाती है वह पूरी अवश्य होती है।

साफ जाहिर है कि यह मंदिर साल में एक बार यानि अक्षय नवमी के दिन खोला जाता है। कहा जाता है कि नगर में सप्तकोसी परिक्रमा के बाद इस मंदिर में आए बिना परिक्रमा अधूरी रहती है। राधा कृष्ण का यह मंदिर शहर के नीलबाग पैलेस में स्थित है। यहां प्रत्येक दिन राजपुरोहित ही पूजा करते हैं। या फिर राज परिवार के व्यक्ति को ही यहां पूजा अर्चना करने की इजाजत है। सामान्य जन को केवल एक दिन मंदिर में आने की इजाजत है।

यह मंदिर स्थापत्य कला का अद्भुद नमूना है। खासकर दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला की छाप की इसकी दीवारों और छत पर देखी जा सकती है। माना जा रहा है कि या तो इस मंदिर को किसी दक्षिण भारतीय ने बनाया है या फिर दक्षिण भारतीय कारीगरों ने इस मंदिर का निर्माण किया था।

अक्षय नवमी को शहर में सप्तकोसी परिक्रमा का आयोजना किया जाता है। इसी दिन इस मदिर के कपाट आम जनता के लिए भी खोल दिए जाते हैं। जिससे कि वह यहा राधा कृष्ण की पूजा अर्चना करके अपनी मन्नत मान सकें। इस मंदिर के बारे में कई श्रद्धालुओं ने भी बताया कि यहां सच्चे मन से जो मुराद मांगी जाती है वह पूरी अवश्य होती है।

इसी लिए इस मंदिर में अक्षय नवमी के दिन भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। यह भी कहा जाता है कि सप्त कोसी परिक्रम तब तक पूरी नहीं मानी जाती है जब तक भक्त इस मंदिर में आकर राधा कृष्ण के दर्शन न कर लें। कुल मिलाकर स्थापत्य कला ही नहीं बल्कि लोगों आस्था को महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु बन गया है।

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