कमाल की है ये प्रजाति, एक बीघे में पैदा होगा पांच कुंतल धान, रोग भी नहीं लगेगा

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बिजनौर। महात्मा विदुर की धरती बिजनौर में इस बार धान की दो नई उन्नत प्रजाति पीबी-1692 और पीबी 1847 रोपी जाएंगी। यह धान की उन्नत प्रजाति का बीज रोग मुक्त है। पैदावार और उत्पादन अच्छा देने वाली प्रजातियां हैं। इनका उत्पादन पांच क्विंटल निकलने की संभावना है। धान रोपाई के लिए किसान 21 दिन की नर्सरी का पर्याप्त है।

जनपद में करीब 56 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होती है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को पीबी-1692 और पीबी 1847 बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा अनुदान पर धान प्रजाति पीबी-1728, पीबी-1718, पीआर-126 आदि है। सभी धान का बीज आवंटित कर राजकीय बीज भण्डारों पर उपलब्ध है।

विषय वस्तु विशेषज्ञ हरज्ञान सिंह ने बताया कि किसान समय से राजकीय कृषि बीज भण्डारों से प्रमाणित बीज प्राप्त कर सिंचाई वाले क्षेत्र में मई के अंतिम सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक नर्सरी कर लें। अफसरों के अनुसार चावल अच्छा होने से बाजार में मांग भी अच्छी रहेगी।

कृषि विभाग के अनुसार जनपद के राजकीय कृषि बीज केंद्रों पर मोटे धान के प्रमाणित बीज का मूल्य 4193 प्रति क्विंटल, महीन धान 4223 रुपये प्रति क्विंटल एवं बासमती धान 6534 रुपये क्विंटल है। आधारीय बीज का मूल्य मोटा धान 4230 रुपये क्विंटल, महीन धान 4260 रुपये क्विंटल निर्धारित किया गया।

उप कृषि निदेशक गिरीश चंद ने बताया कि इस बार से किसानों को बीज कुल मूल्य पर नहीं खरीदना होगा। बल्कि अनुमन्य अनुदान काटकर केवल किसान अंश (50 प्रतिशत) पर ही सीधे पीओएस मशीन द्वारा वितरित किया जायेगा। पहले किसानों को बीज का मूल्य देकर खरीदना पड़ता था। बाद में बीज का अनुदान किसान के बैंक खाते पहुंचता था। इस व्यवस्था में परेशानी रहती थी।

जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि फसल के लिए समय प्रबंधन भी बहुत जरूरी है। धान रोपाई वाले खेतों की अच्छी जुताई करें। उन्नत प्रजाति के धान बीज की नर्सरी तैयार करें। समय पर खेतों में नर्सरी के पौधों की रोपाई करें।

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