प्रख्यात संतूर वादक एवं संगीतकार पंडित अभय रुस्तुम सोपोरी को आकाशवाणी द्वारा भारत का ‘टॉप ग्रेड संगीतकार’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली में डॉ. संतोष नाहर, प्रसिद्ध वायलिन वादक और उप निदेशक, आकाशवाणी, और संगीता जैन, ट्रेक्स (पॉलिसी), आकाशवाणी, ने पंडित अभय रुस्तुम सोपोरी को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
पंडित अभय सोपोरी को 2019 में आकाशवाणी द्वारा संतूर वादक के रूप में ‘टॉप ग्रेड आर्टिस्ट’ पुरस्कार से भी नवाजा गया था। उन्होंने आकाशवाणी के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें दूसरी बार ‘टॉप ग्रेड’ सम्मान प्राप्त हुआ है। पंडित सोपोरी देश के सबसे युवा कलाकार हैं, जिन्हें यह दोहरा ‘टॉप ग्रेड’ सम्मान मिला है। उन्होंने इसे एक बहुत बड़ा सम्मान बताया और इसे अपने पिता और गुरु, महान संत – संगीत दिग्गज स्वर्गीय पंडित भजन सोपोरी को समर्पित किया, जिन्हें संतूर का संत और तारों का राजा कहा गया है।
पंडित अभय सोपोरी देश के 300 साल पुराने पारंपरिक संतूर परिवार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसकी प्राचीन शैव – सूफी जड़ें हैं। उन्हें जम्मू-कश्मीर का सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता है। पंडित सोपोरी ने जम्मू-कश्मीर में ‘सांस्कृतिक नीति’ को लागू करने और विभिन्न जिलों में संगीत को एक विषय के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नए अकादमिक स्ट्रीम और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उनके प्रयासों से जून 2024 में कश्मीर में हिंदुस्तानी संगीत में पीजी कार्यक्रम की शुरुआत भी हुई।
उन्होंने 5 नए रागों की रचना भी की है, जिनके नाम हैं – राग निर्मलकौंस, महाकाली, शारदा, भजनेश्वरी और भगवती। पंडित सोपोरी को संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें प्रतिष्ठित महात्मा गाँधी सेवा मैडल, जम्मू-कश्मीर सरकार का पुरस्कार, अटल शिखर सम्मान, डॉ. एस. राधाकृष्णन राष्ट्रीय पुरस्कार, भारत शिरोमणि पुरस्कार, डोगरी पुरस्कार आदि शामिल हैं।
