देहरादून के नीबूवाला हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विरासत महोत्सव‑2026 के दूसरे दिन, दर्शकों ने कहा—लोगों के सिर चढ़कर बोला जस्सी के सूफियानी गीतों का जादू।
प्रसिद्ध गायक जसबीर जस्सी ने मंच पर कदम रखते ही सूफी शायर बुल्ले शाह की 'आवणी सैयों' से शुरुआत की और पॉप व बॉलीवुड धुनों के साथ मिश्रित अपने हिट गानों से भीड़ को झूमते देखा। उनकी ऊर्जावान आवाज़ और बैंड के संगीत संयोजन ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
सांस्कृतिक संध्या में स्पर्श जनजाति सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के कलाकारों ने जौनसारी लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें महासू वंदना से लेकर पारंपरिक हरुल तक के नृत्य शामिल थे। युवा सरोद वादक स्मित तिवारी ने राग पीलू में आलाप और झाला की प्रस्तुति दी, तबले पर शुभ महाराज ने साथ दिया।
सत्र के अंत में स्वर्गीय राजा रणधीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जहाँ आरके सिंह, साजन मिश्रा और कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनके जीवन की कहानियाँ साझा कीं। रानी विनीता सिंह को 'विरासत' की संरक्षक के रूप में चुना गया, जिससे महोत्सव का सांस्कृतिक महत्व और भी उजागर हुआ।
