देहरादून। उत्तराखंड में बारिश जमकर कहर बरपा रही है। जिससे वहां अफरतफरी का माहौल हो गया है। देहरादून के पास मालदेवता सरखेत इलाके में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। महिलाओं सहित चार लोगों को शव बरामद हुए हैं, जबकि 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिलाधिकारी सोनिका के मुताबिक आपदा में पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपदा में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई है । कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी घटनास्थल का दौरा किया है।

फिलहाल घटनास्थल पर आपदा बचाव का कार्य जोर-शोर से जारी है। आपदा में लापता लोगों की खोजबीन को लेकर एनडीआरएफ और एसटीएफ के लगातार अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है।

कीर्तिनगर क्षेत्र में प्रातः 7 बजे ग्राम कोठार में 14-15 कमरों का आवासीय भवन स्लाइड आने से मलवे में दब गया है। जिसमे 80 वर्षीय बचनी देवी दब गई है। बादल फटने की घटना के बाद पौराणिक टपकेश्वर महादेव मंदिर में भी भारी तबाही हुई है। मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक संतोषी माता मंदिर को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह बह गया है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पार्थिव शिवलिंग तक पानी और मलबा आ जाने से भारी नुकसान हुआ है। मंदिर का काफी सामान बह गया है। फिलहाल जलस्तर कम होने के बाद मंदिर में सफाई अभियान जारी है

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हो रही भारी वर्षा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में आपदा प्रबंधन विभाग से जानकारी ली। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अनुरोध किया है कि अनावश्यक यात्रा न करें व नदी एवं बहाव क्षेत्र की ओर जाने से बचें।

दुगड्डा-काण्डी-लक्ष्मणझूला मोटर मार्ग जगह-जगह हुआ क्षतिग्रस्त डाडां दमराडा,पोखरी,तूनखाल,मागथा,बासवा,विनक,पय्यां में मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गया है जिससे यमकेश्वर क्षेत्र ॠषिकेश, देहरादून से पूरी तरह से कट गया है। ठाॅगर-गाजसेरा मोटर मार्ग,कस्याली-देवीडाडां-वंचूरी मोटर मार्ग,मोहनचट्टी-नैल-तिमली मोटर मार्ग जगह-जगह बंद हो गये हैं।

देहरादून में 20 अगस्त की रात्रि में हुई भारी वर्षा से जनपद के कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। भारी वर्षा से रायपुर-थानों मोटर मार्ग पर सोंग नदी पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है तथा मालदेवता सरखेत , तिमली, मानसिंहवाला, भेंस बाड़ा, सेरकी, चमरोली आदि स्थानों पर नुकसान की सूचना पर जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका प्रात: से ही मौके पर मौजूद रहकर राहत बचाव कार्यों का संपादन कर रहीं है।
इससे पूर्व रात्रि भारी बारिश के चलते जिलाधिकारी प्रातः 6 बजे से ही आपदा परिचालन केन्द्र पर मौजूद रहकर जानकारी प्राप्त की तथा नुकसान की सूचना मिलने पर प्रभावित क्षेत्र को रवाना हो गई। तथा मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान आपदा कंट्रोल रूम पर मौजूद रहकर जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में प्रभावित क्षेत्रों खाद्य रसद सामग्री के साथ ही उपकरण आदि भेजने के कार्यों की मॉनिटरिंग के साथ ही जनपद में हुए नुकसान की सूचना प्राप्त करते हुए तत्काल सहायता भिजवा रहें हैं।
जनपद के सरखेत में बादल फटने से घर क्षतिग्रस्त हो गए तथा कुछ लोग घायल हैं, जिन्हें एयरलिफ्ट करते हुए उपचार हेतु अस्पताल लाया जा रहा है। क्षेत्र में चिकत्सा टीम उपकरण सहित मौजूद है तथा राहत बचाव कार्यों में एसडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन की टीम मौजूद है, सेना भी राहत बचाव हेतु रवाना हो गई है। आपदा कंट्रोल रूम से मौके पर मौजूद अधिकारियों से समन्वय करते हुए सहायता एवं टीम भेजी जा रहीं हैं। तथा जनपद की तहसीलों से अद्यतन सूचना प्राप्त की गई है।
