लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की भर्ती प्रक्रिया में शासन ने बड़े बदलाव किए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी संशोधित अर्हता के अनुसार, अब अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विषय में स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य होगा। यदि स्नातक में अंक कम हैं, तो परास्नातक में कम से कम 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
नियमों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर किया गया है। अब टीजीटी पदों पर आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) की जूनियर टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त बी.एड. की डिग्री भी आवश्यक है। शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के लिए बी.पी.एड. या बी.पी.ई. की योग्यता मान्य रहेगी।
विशेष सचिव डॉ. अशोक कुमार कन्नौजिया के आदेश के बाद प्रदेश के 4,512 सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्त पड़े करीब 17,740 पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस बार की भर्ती में कंप्यूटर विषय को भी स्थान दिया गया है। शासन ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए 30 जून 2027 तक टीईटी का वैध प्रमाणपत्र जमा करने की छूट प्रदान की है। इन नए नियमों को आगामी भर्ती विज्ञापनों में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
