बिजनौर में बाढ़ में फंसी यात्रियों से भरी रोडवेज बस, रूक गईं सभी सांसें

बिजनौर। जिले में बाढ़ का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा से लेकर हर नदी उफान पर है। शनिवार को यात्रियों से भरी एक रोडवेज बस कोटावाली नदी के रपटें में फंस गई। जिससे उसमें सवार यात्रियों की सांसें रूक गई। आनन फानन में मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई।

नजीबाबाद के पास कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नदी का पानी सड़कों पर पहुंच गया है। इस बीच शनिवार को एक रोडवेज बस नदी के रपटें में फंस गई। जिससे इसमें सवार यात्रियों में दहशत फैल गई। पानी की बहाव देखकर हर किसी सांसें थम गईं। मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई।

उधर, शामली के कैराना में यमुना नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। यमुना नदी में 2 लाख 23 हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव अधिक बढ़ गया।

पानी का दबाव बढ़ने के कारण शनिवार सुबह 11.00 बजे हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 2 लाख 23 हजार क्यूसेक प्रति सेकंड हो गई। जिसके चलते रविवार सुबह तक यमुना खतरे के निशान को पार कर सकती है।
11 जुलाई को हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में अधिकतम पानी 3 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड डिस्चार्ज किए जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 232.20 मीटर पर पहुंच गया था। जिसके बाद क्षेत्र में यमुना की बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था। लेकिन बाद में हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव कम होता चला गया।

जिसके चलते शनिवार सुबह यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 1 मीटर कम 229 मीटर पर दर्ज किया गया। वही पिछले 2 दिन से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही मूलाधार बारिश के चलते हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव बढ़ गया।

शनिवार सुबह 8 बजे हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में 68357 क्यूसेक, सुबह 9.00 बजे 147857, सुबह 10.00 बजे 209042 और उसके बाद सुबह 11.00 बजे 223054 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड डिस्चार्ज किया गया। हथिनी कुंड बैराज पर पानी की मात्रा अभी और अधिक बढने की संभावना है जिसके कारण रविवार सुबह तक यमुना खतरे के निशान को पार कर सकती है।

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