दिल्‍ली विस्‍फोट में बड़ा खुलासा, इस केमिकल से किया गया था धमाका

delhi blast

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली में हुए दर्दनाक ब्लास्ट में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान इस ब्लास्ट के तार हरियाणा के फरीदाबाद से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसी के चलते फरीदाबाद पुलिस ने बीते रात से ही मेगा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि जिससे दिल्‍ली में विस्‍फोट किया गया था, पुलिस ने उसे खोज लिया है। अब पुलिस इस पर भी जांच कर रही है कि यह आखिर आया कहां से।

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने धौज और फतेहपुर तगा गांवों समेत आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। इस ऑपरेशन में 1000 से अधिक पुलिसकर्मी, क्राइम ब्रांच, और रिजर्व पुलिस बल शामिल हैं। पुलिस अलफलाह मेडिकल कॉलेज में भी सर्च ऑपरेशन चला रही है, जहां से कई संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद से करीब 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है, जिसे ब्लास्ट में इस्तेमाल हुए विस्फोटक से जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल, और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि डेटोनेटर किस स्वरूप में इस्तेमाल किया गया — क्या वह घड़ी के रूप में था, कोई रिमोट था, या फिर छोटा सा बटन।

इस बीच, जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस हमले का मुख्य आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद बताया जा रहा है, जो अलफलाह मेडिकल कॉलेज में बतौर डॉक्टर कार्यरत था। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि ब्लास्ट के वक्त लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद कार में उमर मोहम्मद ही था, जिसने काले रंग का मास्क पहन रखा था।

पुलिस ने अब लाल किला मेट्रो स्टेशन और लाल किले को 13 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया है। वहीं, जांच एजेंसियों ने डॉ. उमर मोहम्मद के दो भाइयों — आशिक अहमद और जरूर अहमद — को हिरासत में लिया है। उसकी मां से भी पूछताछ की जा रही है।

फिलहाल, पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर की सप्लाई कहां से हुई और आखिर इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे की उम्मीद की जा रही है।

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