उधमपुर/जम्मू‑कश्मीर। जम्मू‑कश्मीर के उधमपुर ज़िले के डुडु‑बसंतगढ़ क्षेत्र में गुरुवार तड़के शुरू हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया। सेना की व्हाइट नाइट कोर और जम्मू‑कश्मीर पुलिस ने ख़ास खुफ़िया सूचना मिलने के बाद संयुक्त घेराबंदी‑तलाशी अभियान (CASO) चलाया था। शुरुआती संपर्क स्थापित होते ही आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। ऑपरेशन अब भी जारी है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।

  • खुफ़िया इनपुट: स्थानीय स्रोतों से डुडु‑बसंतगढ़ के घने जंगलों में 2‑3 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली।
  • संयुक्त बल: सेना, पुलिस और एसओजी दल ने तड़के घेराबंदी की।
  • गोलीबारी: सुबह लगभग 5 बजे संपर्क बनते ही भारी फायरिंग शुरू हुई। प्रारंभिक दौर में एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में उपचार के दौरान सर्वोच्च बलिदान दे गया।

डुडु‑बसंतगढ़ की मुठभेड़ बीते 24 घंटों में घाटी में हुई तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले मंगलवार को अनंतनाग ज़िले के पहलगाम‑बायसरन इलाके में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर 26 लोगों की हत्या कर दी थी। पाकिस्तान‑आधारित लश्कर‑ए‑तैयबा से जुड़े द रेज़िस्टेंस फ़्रंट (TRF) ने उस हमले की जिम्मेदारी ली थी। हमले के बाद सेना ने पुंछ के लसाना वन क्षेत्र से लेकर पहलगाम और अब उधमपुर तक बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान तेज़ कर दिया है।

मौजूदा स्थिति

  • इलाके की निगरानी: क्वाडकॉर ड्रोन्स और स्निफर डॉग्स की मदद से जंगल क्षेत्र को खंगाला जा रहा है।
  • निकासी: एहतियातन आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
  • यातायात रोक: उधमपुर‑रामनगर‑बसंतगढ़ सड़क तथा जंगल से लगे ट्रेकिंग मार्ग बंद कर दिए गए हैं।

आधिकारिक बयान

व्हाइट नाइट कोर ने पोस्ट किया,“विशिष्ट खुफ़िया जानकारी के आधार पर आज बसंतगढ़, उधमपुर में जम्मू‑कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान शुरू किया गया। भीषण गोलीबारी में हमारा एक वीर जवान शहीद हुआ। अभियान अभी भी जारी है।”

आगे की कार्रवाई

सेना और पुलिस का कहना है कि घने जंगल और खड़ी पहाड़ी भू‑भाग के कारण ऑपरेशन लंबा चल सकता है, लेकिन आतंकवादियों को बचने का कोई रास्ता नहीं दिया जाएगा। उच्च सतर्कता के मद्देनज़र जम्मू‑राजौरी‑पुंछ राजमार्ग तथा वैष्णोदेवी, अमरनाथ यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।