केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बैठने का इशारा बना दिया मौत का संकेत

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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर हुई घटना कोई हादसा नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल ने पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने रास्ते में बैठकर अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को पूर्व निर्धारित संकेत दिया था। इसके तुरंत बाद पीछे चल रहे चेतन ने केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दे दिया।

पुलिस के मुताबिक, सिया के बैठने का उद्देश्य यह भी था कि धक्का लगने के दौरान केतन उसे पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश न कर सके। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले 17 जून को दोनों आरोपी पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में मिले थे, जहां कथित तौर पर हत्या की अंतिम योजना तैयार की गई थी। सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को पुलिस जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

ताजा अपडेट में पुणे ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल को लोहगढ़ किले ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया। अधिकारियों ने घटनाक्रम को समझने और सबूतों की पुष्टि के लिए पूरे घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया। जांच में यह भी दावा किया गया है कि सिया और चेतन घटना से पहले कई बार लोहगढ़ किले पर आए थे, जहां उन्होंने हत्या की जगह चुनी और कथित तौर पर रिहर्सल भी की थी। पुलिस अब उस स्थान की पहचान करने में जुटी है जहां दोनों ने योजना का अभ्यास किया था।

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर केस को और मजबूत किया जा रहा है।

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