मनोरंजन जगत में ओटीटी के उदय ने न केवल दर्शकों के लिए विकल्पों की भरमार कर दी है, बल्कि कलाकारों के लिए भी सफलता के नए मापदंड स्थापित किए हैं। 'गंगा माई की बेटियां' फेम अभिनेता रोहिन जोशी का मानना है कि यह बदलाव फिल्म उद्योग के लिए बेहद सकारात्मक साबित हुआ है। उनके अनुसार, जितने अधिक प्लेटफॉर्म होंगे, उतने ही अधिक अवसर कलाकारों को मिलेंगे, जो सभी के लिए फायदेमंद है।
रोहिन जोशी कहते हैं कि अब दर्शकों के पास अपनी पसंद के जॉनर और फॉर्मेट के अनुसार शो देखने की आजादी है। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि बड़े पर्दे का महत्व कभी कम नहीं होगा। सिनेमा हमारे भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है और इसकी अपनी एक अलग गरिमा है। लेकिन ओटीटी ने सफलता की परिभाषा को व्यापक बना दिया है। अब किसी कलाकार को अपनी मेहनत का फल जानने के लिए केवल बॉक्स ऑफिस के नतीजों का इंतजार नहीं करना पड़ता। अगर कोई शो या फिल्म वेब पर अच्छा प्रदर्शन करती है, तो इसका मतलब है कि लोग उसे अपने घरों में बैठकर पसंद कर रहे हैं।
अपनी पसंद के बारे में बात करते हुए रोहिन ने बताया कि वे इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों पर नजर रखने के लिए लगभग सभी शो के ट्रेलर देखते हैं। हालांकि, वे भारतीय शो के मामले में काफी चयनात्मक हैं और उन्हें अमेरिकी शो, विशेषकर छोटे शहरों की कहानियों पर आधारित सीरीज देखना अधिक पसंद है। हाल ही में उन्होंने 'गुल्लक' के नए सीजन की तारीफ करते हुए कहा कि यह शो एक छोटे परिवार के ड्रामा और कॉमेडी को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाता है। ओटीटी पर बोल्ड कंटेंट के मुद्दे पर रोहिन ने स्पष्ट राय रखी। उनका मानना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता का उपयोग उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए।
