हरिद्वारl उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भयानक भगदड़ मच गई, जिसमें 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल हो गए हैं।
इस हादसे की पुष्टि कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने की है। उन्होंने बताया कि भगदड़ उस समय मची जब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रण से बाहर हो गई। श्रावण माह के चलते शनिवार को विशेष भीड़ उमड़ी थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी थीं। अचानक किसी एक को फिसलता देख अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद भीड़ में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। कुछ श्रद्धालु नीचे दब गए और दम घुटने से मौत हो गई।
प्रशासन ने अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान जारी नहीं की है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार मृतकों में अधिकतर महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हैं, जो भगदड़ में भाग नहीं सके और भीड़ में दब गए।
उत्तराखंड सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक जताया है और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
यह हादसा एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की कमजोरियों को उजागर करता है। श्रावण मास के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और आसपास के मंदिरों में पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा इंतजाम और ट्रैफिक कंट्रोल को लेकर प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
मृतकों का विवरण
- आरूष पुत्र पंकज उर्फ प्रवेश, उम्र 12 वर्ष, निवासी-सौदा बरेली उत्तर प्रदेश।
- शकल देव पुत्र बेचान, उम्र 18 वर्ष, निवासी-अररिया बिहार।
- विक्की पुत्र रिक्का राम सैनी, उम्र 18 वर्ष ग्राम-विलासपुर थाना – विलासपुर कैमरी रोड़ नगलिया कला मजरा रामपुर उत्तर प्रदेश।
- विपिन सैनी पुत्र रघुवीर सिंह सैनी, उम्र 18 वर्ष, निवासी वसुवाखेरी काशीपुर उत्तराखण्ड ।
- वकील पुत्र भरत सिंह निवासी मौहतलवाद, जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश।
- शान्ति पत्नी रामभरोसें बदायू उत्तर प्रदेश।
