देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने AI स्ट्रैटेजिक इंजीनियरिंग (AiSE) फाउंडेशन की ‘भाषा AI’ पहल के अंतर्गत गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं के लिए एक वॉइस कलेक्शन पोर्टल का उद्घाटन किया। इस पोर्टल में इन तीनों लोकभाषाओं की आवाज़ें और शब्दों का डिजिटल संग्रह उपलब्ध होगा, जिससे भविष्य में एआई‑आधारित अनुप्रयोगों में उनका उपयोग संभव हो सकेगा।
पोर्टल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बोलियों को तकनीकी मंचों से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को उनकी मातृभाषा में सरकारी योजनाओं व सेवाओं की जानकारी प्रदान करना है। एआई को इन भाषाओं के उच्चारण, शब्दावली और विविध बोलियों को समझने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे डिजिटल संवाद की पहुँच बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा हमारी पहचान है और आधुनिक तकनीक के बिना इसकी सुरक्षा संभव नहीं। पद्मश्री लोकगायक प्रीतम भरतवाण और जागर अकादमी भी इस पहल में सहयोग देंगे, ताकि शब्दों की शुद्धता और सांस्कृतिक मूल्यों को बरकरार रखा जा सके।
