नई दिल्ली। कर्नाटक में कई दिनों से चल रहा हिजाब विवाद अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि और विवाद शुरू हो गया है। वहां कई मंदिरों के बाहर एक बैनर लगाया गया है। जिसमें लिखा गया है कि मंदिरों के पास लगने वाले मेलों में मुस्लिम संगठन अपनी दुकान या स्टॉल न लगाएं। यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है। हालांकि मंदिरों का मैनेजमेंट संभालने वाली कमेटियों ने ऐसे किसी आदेश से इनकार किया है।
इस मामले में राज्य के अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अब्दुल अजीम ने बुधवार को कहा कि गैर.हिंदुओं को दुकानें नहीं लगाने देने के बारे में मंदिर प्रशासन से बातचीत चल रही है, मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा। मंदिर कमेटियों के इनकार के बाद इन बैनर्स को लगाने वालों का पता नहीं चल पाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके पीछे राइट विंग यानी दक्षिणपंथी हिंदू समूहों के सदस्य हो सकते हैं। दक्षिणपंथी समूहों का मानना है कि हिजाब विवाद पर कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम संगठनों ने अपनी दुकानें बंद रखने का एलान किया था। इसीलिए मंदिरों के वार्षिक मेलों में उन्हें स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
कर्नाटक के मैंगलोर जिले के पास बप्पनाडु दुर्गापरमेश्वरी मंदिर में 20 अप्रैल से वार्षिक मेले का आयोजन किया जाना है। मेले में स्टॉल लगाने को लेकर मंदिर की जमीन की नीलामी की जाएगी। इसमें मुस्लिम संगठनों को हिस्सा लेने से मना किया गया है। मंदिर के चारों तरफ बैनर लगाए गए हैं, जिनमें केवल हिंदुओं को ही दुकान और स्टॉल लगाने का अनुमति देने की बात कही गई है।
बप्पनाडु दुर्गापरमेश्वरी मंदिर के अलावा पुत्तूर तालुक के महालिंगेश्वर मंदिर में भी मेले का आयोजन किया जाएगा। यहां भी इसी तरह के बैनर देखे गए, जिन पर लिखा है, जो कानून का सम्मान नहीं करते और एकता के खिलाफ हैं। जो लोग उन गायों को मारते हैं, जिनकी हम पूजा करते हैं। उन्हें दुकान लगाने की इजाजत नहीं होगी। इसी तरह के बैनर पुत्तूर में मंगलादेवी मंदिर, पोलाली राजराजेश्वरी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी देखे गए हैं।
मामले को तूल पकड़ता देख मंदिर प्रशासन ने सफाई पेश की। दुर्गापरमेश्वरी मंदिर के प्रशासक मनोहर शेट्ठी ने बताया कि मंदिर प्रशासन ने ऐसे बैनर नहीं लगाए हैं। कुछ लोगों ने हमारी अनुमति के बिना यहां बैनर लगा दिए हैं। मेले में किसी को भी दुकान और स्टॉल लगाने से नहीं रोका गया है।
इस मामले में मंगलुरु पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस इसे साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश मान रही है। मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर शशि कुमार ने कहा कि ये बैनर किसने लगाए, इसकी जांच की जा रही है। अगर नागरिकों से जुड़ी संस्था शिकायत दर्ज कराती है, तो कानूनी टीम से परामर्श लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तहसीलदार को मौके पर भेजा जा रहा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

