देहरादून। कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आयकर दाता किसानों को 10 लाख तक की कृषि योजनाओं में सरकार की ओर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार की मंशा है कि प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और छोटे किसानों को सब्सिडी का लाभ मिल सके।
रविवार को रेंजर्स ग्राउंड में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेव महोत्सव के समापन पर कृषि एवं उद्यान मंत्री ने कहा कि किसानों की दोगुनी आय करने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें किसानों को अनुदान सहायता राशि दी जा रही है। प्रदेश के छोटे किसान इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। जिससे आयकर दाता किसानों को 10 लाख तक की योजनाओं में अनुदान नहीं दिया जाएगा। प्रदेश में राज्य गठन के बाद कृषि क्षेत्रफल में 17 प्रतिशत कमी आई है।
इसके बावजूद भरी उत्पादकता में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उद्यान विभाग को पांच साल में सेब का क्षेत्रफल 25 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 50 हजार हेक्टेयर करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय जिलों से पलायन में रोक नहीं लगी तो यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा होगा। महोत्सव के समापन पर उन्होंने में विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 97 किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जिसमें 38 को पहला, 33 को दूसरा और 26 को तीसरा पुरस्कार दिया गया।
महोत्सव में सेब की 17 किस्मों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में अपर सचिव रामविलास यादव, उद्यान निदेशक डा. एचएस बवेजा, औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलपति डॉ. अजय कुमार कर्नाटक, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी डा. रोहित बिष्ट, डॉ. स्वेता नवानी, गगन अरोरा, हेमा कश्यप, अपर निदेशक जगदीश चंद्र कैम, संयुक्त निदेशक डा. रतन कुमार आदि मौजूद थे।

