उत्तराखंड के इस शहर में बनेगी अटल नवाचार अकादमी

Atal Innovation Academy

देहरादून। उत्तराखंड में अटल नवाचार अकादमी बनेगी। इसके लिए देहरादून से लगभग 25 किलोमीटर विकासनगर की तरफ जमीन की तलाश की गई है। राज्य सरकार से इसके लिए बात चल रही है। इस अकादमी में उच्च शिक्षा में शोध कार्यों और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। यह बात अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमैन डॉ. अनिल डी. सहस्रबुद्धि ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के दसवें दीक्षांत समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही।

समारोह में विश्वविद्यालय से वर्ष 2019, 20 और 21 में पासआउट होने वाले 5317 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान गई। इसके साथ ही 99 टॉपर्स को गोल्ड मेडल दिए गए। दीक्षांत समारोह में 98 सिल्वर और 91 ब्रांज मेडल भी दिए गए। समारोह में 32 शोधकर्ताओं को इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और अन्य विषयों में शोध कार्य के लिए पीएचडी की उपाधि दी गई। साथ ही सुपर स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह को डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि दी गई।

परमार्थ निकेतन के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और वानिकी विशेषज्ञ डॉ जेपी चंद्रा को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि 28 साल पहले ट्रांसफोर्मिंग ड्रीम्स इन टू रियल्टी के रूप में जिस मिशन की शुरूआत की थी, हर साल हजारों युवाओं के सपनों को हकीकत में बदल कर हम उसे आगे बढ़ा रहे हैं। कुलपति डॉ राकेश कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने के साथ ही नव उपाधि धारकों को शपथ दिलाई। चांसलर डॉ. आरसी जोशी ने नए उपाधिधारकों को विश्वविद्यालय का अंबेसडर बताया। दीक्षांत समारोह का संचालन डॉ. 1 एमपी सिंह ने किया।

दोबारा विश्व गुरु बनने की ओर भारत : सहस्रबुद्धि

एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल डी. सहस्रबुद्धि ने कहा कि पढ़ाई में गोल्ड मेडल पाने वाले 99 विद्यार्थियों है में 61 युवतियों का होना यह दर्शाता है कि भारत में मातृशक्ति जागरूक हो रही है। इसके माध्यम से भारत दोबारा विश्वगुरु बनने की राह पर बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में योगदान देने का आह्वान किया।

advertisement at ghamasaana