जातिसूचक शब्द बोलने पर युवराज सिंह गिरफ्तार, बाद में मिली ज़मानत

इंस्टाग्राम लाइव पर साथी खिलाडिय़ों संग बातचीत के दौरान जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने वाले भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई है।

हांसी में दर्ज मामले के बाद युवराज सिंह जांच में शामिल हो गए। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी दिखाकर जांच आगे बढ़ा दी है। मामले में युवराज सिंह पहले ही हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले चुके है। कोर्ट ने युवराज सिंह को आदेश दिए थे कि वह हांसी में दर्ज मामले की जांच के लिए पुलिस का सहयोग करें। युवराज इसके लिए पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट के आदेशों पर हिसार की जिओ मैस पहुंचे थे। उनके साथ उनके सुरक्षाकर्मी सहित चार-पांच लोगों का स्टाफ चंड़ीगढ़ से हिसार पहुंचा।

युवराज सिंह ने खुद हाइकोर्ट में अनुसूचित जाति से संबंधित टिप्पणी की बात स्वीकारी थी, लेकिन उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बारे में नहीं पता था कि यह शब्द बोलना गलत है। किसी की भावना आहत करने के लिए ऐसा नहीं कहा था। पूछताछ के बाद हाईकोर्ट के आदेशों पर युवराज सिंह को औपचारिक जमानत पर छोड़ दिया। अब ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

यह है मामला

हांसी के वकील रजत कालसन ने कोर्ट में पिटीशन दारयर की थी कि युवराज सिंह ने अपनी साथियों के साथ इंस्टाग्राम लाइव पर एससी समुदाय पर टिप्पणी की थी। इसके बाद युवराज सिंह को धारा 153 ए के तहत बुक किया गया था। इस मुकदमे को खारिज कराने के लिए युवराज सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर हाईकोर्ट ने युवराज को अग्रिम जमानत के आदेश दिए थे।

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