मेरठ। कहते हैं कि अगर बंदर के सामने लंगूर आ जाए तो बंदर भाग जाते हैं। इसीलिए मेरठ में वन विभाग ने एक अनोखा प्रयोग किया। बंदरों को भगाने के लिए जब लंगूर नहीं मिला तो वन विभाग की टीम ने शहर में उन स्थानों पर जहां बंदरों का प्रकोप अधिक था, वहां लंगूर के बड़े बड़े कटआउट लगवा दिए। पहले तो लोगों की समझ में नहीं आया कि आखिर यह मामला क्या है, जब समझ में आया तो लोग इस पर अपनी हंसी नहीं रोक पाए। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
शहर के कई मोहल्लों से वन विभाग के पास बंदरों के आतंक की शिकायतें आ रहीं थी। अब इतने सारे बंदरों को पकड़ना वन विभाग की टीम को अच्छा नहीं लगा। इसके अलावा एक बात और वन विभाग ने कई बार बंदरों को पकड़ कर जंगल में छुड़वाया भी, लेकिन बंदर वापस आ गए। अब अधिकारियों की समझ में नहीं आ रहा था कि वो क्या करें। इस दौरान किसी ने सुझाव दिया कि अगर लंगूर ले आया जाए तो बंदर भाग सकते हैं।
ऐसा माना जाता है कि जहां लंगूर होते हैं वहां बंदर नहीं रूकते। फिर क्या था वन विभाग की पूरी टीम लंगूर को ढूंढने में लग गई, लेकिन लंगूर नहीं मिला। इसके बाद डीएफओ राजेश कुमार को एक आइडिया आया कि क्यों न लंगूर का कटआउट लगा दिया जाए। बंदर कैसे जान पाएंगे कि असली में लंगूर है भी या नहीं। इसके बाद बंदरों से प्रभावित मोहल्लों में लंगूर के बड़े बड़े कटआउट लगा दिए गए, लेकिन बंदर इंसानों से अधिक चालाक निकले या फिर वो भांप गए इंसानी फितरत को।
बहरहाल हुए यह कि एक भी बंदर कटआउट वाले लंगूर से डर कर नहीं भागा। थक हारकर वन विभाग को यह कट आउट हटाना पड़ा, लेकिन इस दौरान लोगों को मनोरंजन खूब हुआ और यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

