लखनऊ। समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने आखिरकार पत्नी डिंपल की जगह मित्रता को तरजीह दी है। उन्होंने राज्यसभा के लिए अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। जिसमें आरएलडी चीफ़ जयंत चौधरी सपा और रालोद के संयुक्त राज्यसभा प्रत्याशी बनाए गए हैं। इसकी जानकारी आज सुबह अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी को फ़ोन करके दी।
कहा जा रहा है कि जयंत चौधरी राज्यसभा न भेजे जाने से ख़फ़ा थे। चर्चा थी कि डिंपल यादव को राज्यसभा भेजा जाएगा, लेकिन सपा ने अपना निर्णय बदला लिया और डिंपल यादव की जगह जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया।
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हुई है। इस चुनाव के लिए मतदान आगामी 10 जून को होगा।
प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में सपा के 111 सदस्य हैं और वह तीन उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है। जिनमें से जयंत चौधरी एक हैं। वहीं समाजवादी पार्टी ने कल पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल को निर्दलीय के तौर पर राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। सिब्बल का सपा ने समर्थन किया है।
इसपर कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा था मैंने 16 मई को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। संसद में एक स्वतंत्र आवाज होना जरूरी है, अगर एक स्वतंत्र आवाज बोलती है तो लोगों को पता चलेगा कि ये किसी राजनीतिक दल से नहीं है। गौरतलब है कि सिब्बल को सपा की ओर से राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें मंगलवार से ही लगाई जा रही थीं, हालांकि पार्टी ने इसकी पुष्टि नहीं की थी।

