मुजफ्फरनगर। खतौली के उपचुनाव का रोमांच नामांकन से ही अपने चरम पर पहुंच रहा है। यहां हर रोज दिलचस्प मामले हो रहे हैं। पहले कवालकांड पीड़िता ने निर्दलीय नामांकन कर सबको चौंका दिया। वहीं चुनाव लड़ने के एक उम्मीदवार घर-घर जाकर एक रुपये चंदा मांगकर उसे पॉलीथिन में भर कंधे पर लादकर पर्चा दाखिल करने पहुंच गए उनको देख वहां लोगों की भीड़ लग गई।
खतौली उपचुनाव में लड़ाई अब काफी दिलचस्प हो गई है। यह सीट भाजपा नेता विक्रम सैनी की सदस्यता समाप्त होने की वजह से रिक्त हुई है। इस सीट से भाजपा ने विक्रम सैनी की पत्नी राजकुमारी का उम्मीदवार बनाया है। वहीं सपा और रालोद के मदन भैया चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा कवाल कांड पीड़ित गौरव की मां भी निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं हैं।
इस चुनाव में दिलचस्प वाकया तब सामने आया जब भैंसी गांव के समाजसेवी मनीष चौधरी ने चंदा एकत्र कर नामांकन की फीस जुटाई। उनके पास चंदे के करीब दस हजार रूपये की रेजगारी हो गई, जिसे वह कंधे पर लादकर एडीएम प्रशासन के न्यायालय में नामांकन करने पहुंच गए। जहां पर चुनाव अधिकारी एसडीएम खतौली जीत सिंह राय के सामने रेजगारी रख दी और नामांकन की बात कही। यह देख एसडीएम भी हैरान रह गए। एसडीएम ने उन्हे बैंक में फीस जमा करने के लिए भेज दिया।

