गोंडा। अब आप भी गर्व से कह सकते हैं कि हम गोंडा में हैं। क्योंकि सबसे गंदे शहर के खिताब से मुक्त होकर शहर अब स्वचछता की तरफ बढ़ चला है। स्वच्छता सर्वेक्षण के आंकड़ों के हिसाब से शहर को देश भर में 145वां स्थान मिला है। वहीं प्रदेश की नगर पालिकाओं में तीसरा स्थान मिला है, जो अपने आप में काफी बेहतर माना जा सकता है। इसके अलावा एक और उपलब्धि शहर के हाथ लगी है और वह है कि मंडल में अपना शहर नंबर वन की पोजीशन पर है।
नगर पालिका में ईओ संजय मिश्रा ने बताया कि शहर में स्वच्छता के लिए बड़े स्तर पर काम हुए और सर्वेक्षण में लोगों ने प्रतिभाग किया और इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। इसके लिए उन्होंने नगर वासियों का आभार जताया।

शहर में स्वच्छता को लेकर पिछले चार सालों में व्यापक स्तर पर कार्य हुए हैं। फोरलेन निर्माण के बाद डिवाइडर पर विद्युतीकरण के अलावा पौधरोपण से शहर को चमकाने की कोशिश हुई। इतना ही नहीं सड़कों के किनारे कूड़ा एकत्र करने के लिए लोहे के बाक्स रखे गए। कॉलोनियों में कूड़ा रखने के लिए प्लास्टिक किट भी रखवाए गए। वहीं आंबेडकर चौराहे पर आई लव गोंडा सेल्फी प्वाइंट के साथ प्रमुख स्थानों पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ।
सर्वेक्षण के दौरान जागरूकता अभियान भी चलाया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 जारी हुआ तो उसमें शहर का नाम देखकर लोग खुशी से झूम उठे । स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को प्रदेश की नगर पालिकाओं में तीसरा स्थान मिला है। ईओ संजय मिश्र ने बताया कि मंडल में पहला स्थान हासिल हुआ है। जिससे शहर के लोगों में भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शहर के आशीष जायसवाल का कहना है कि लोगों को इसी तरह से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बनाए रखनी है। लोगों ने स्वच्छता सर्वेक्षण को गंभीरता से लिया और प्रतिभाग किया। जिससे परिणाम अच्छा आया। . इस बारे में जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही का कहना है कि शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में सफलता हासिल करना खुशी की बात है। शहर के लोगों को बधाई। स्वच्छता को अपनाने के लिए लोगों को हमेशा सजग रहना होगा।

