सहारनपुर। शिवालिक इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशन के नए सत्र के शुभारंभ किया गया। इस मौके पर सियाराम इंटर कॉलेज गागलहेड़ी के प्राचार्य संजय जैन और एएचपी इंटर कॉलेज छुटमलपुर के प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार कुमार ने छात्रों को नैतिक मूल्यों के बारे में जानकारी देकर मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होेंने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों के विकास एवं विस्तार के लिए शिक्षा महत्त्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए मानव अपने अनुभूतिजन्य अनुभवों को समाज एवं उसकी नई पीढ़ी में संचारित करता है। शिक्षा के मंदिर में अच्छा इन्सान बनने, मानवीय गुणों को अपनाकर समाज एवं देश की सेवा करनेए सहयोग की भावना विकसित करनेए सबसे मिल.जुल कर रहने की शिक्षा दी जाती थी। शिक्षा से मानव में चिंतन, चरित्र, व्यवहार, दृष्टिकोण को आदर्शोन्मुखी किया जाता है।

शिक्षा मनुष्य में सद्भावना एवं सद्प्रवृत्ति को बढ़ाती है। शिक्षा सुसंस्कृत समाज की आधारशिला है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति में बौद्धिकता जागृति होती है और इससे वह नवीन सांस्कृतिक मूल्यों की रचना करता है। शिक्षा बुराई से अच्छाई की ओर, हीनता से उच्चता की ओर, असंभव से संभव की ओर, हिंसा से अहिंसा की ओर, पशुता से मनुष्यता की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करती है। ?
इस अवसर पर प्रवक्ता श्रीमती नीरज शर्माए श्रीमती पारुल तोमरए श्रीमती पूनम सिंहए बाबूराम सिंहए कुलदीप कुमारए प्रभात कुमार सैनीए अंकित गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

