देहरादून। आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन भारत के प्रमुख एवं भगवान शंकर आश्रम मसूरी के मुख्य अधिष्ठाता प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार आर्यम जी महाराज ने कहा कि संस्कार ही हमारे जीवन के मूल आधार हैं। जिनके संरक्षण से ही वर्तमान जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता चारित्रिक विकास संभव है। आर्यम बुधवार को मसूरी स्थित योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इन्टर कॉलेज के वार्षिक उत्सव में संबोधित कर रहे थे।

उन्होनें उपस्थित बच्चोंए अभिभावक और शिक्षक गणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें जीवन में संस्कार की प्रतिष्ठा करनी चाहिए। संस्कार ही इंसान को सामाजिक रुप से परिचय कराते हैं। हमें सभी तरह के व्यसनों से बचने की ज़रूरत है। अपने खान पान को शुद्ध रखने की आवश्यकता है। बच्चों को संबोधित करते हुए गुरुदेव ने कहा कि हमें फ़ास्ट फूड एवं कृत्रिम चीजों को अपने भोजन से अलग करने की आवश्यकता हैए ये तन और मन दोनों के लिए हानिकारक हैं। शुद्ध खानपान से उनकी स्मृति शक्ति तेज़ होती है। जिससे विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेधा का विकास होता है।

इस अवसर पर मसूरी की उपज़िला अधिकारी सुश्री अनामिका ने भी संबोधित करते हुए कहा कि व्यावहारिक शिक्षा को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ तालमेल बिठाकर समझने और सीखने की आवश्यकता है। उन्होनें अपने अनुभव साझा करते हुए बच्चों को समझाया कि किस तरह सचेत और अच्छी तरह से सजग रह कर हम अपने देश और समाज की सेवा कर सकते हैं।

इससे पूर्व योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इन्टर कॉलेज के प्रबंधक मदन मोहन शर्माए प्रधानाचार्य मनोज रियालए उपज़िला अधिकारी सुश्री अनामिकाए चंद्रप्रकाशए अशोक अग्रवालए राकेश अग्रवाल एवं आर्यम जी महाराज की उपस्थिति में बच्चों ने उत्सव का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। सभी बच्चों ने स्वागत गीत में सरस्वती वंदना का गान किया। बच्चों ने अपनी कलात्मकए शारीरिक एवं मनासिक क्षतमा का प्रदर्शन कर सांस्कृतिक नृत्य एवं लघु नाटक प्रस्तुत कर उत्सव को यादगार बना दिया।

