shamli news कैराना पलायन के सूत्रधार डॉ. इसरार को आजीवन कारावास

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शामली। shamli news कैराना पलायन के सूत्रधार और मुकीम गिरोह के शार्प शूटर डॉक्टर इसरार निवासी इस्सोपुर खुरगान को 10 साल पहले हुई हत्या के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश ऋतु नागर ने वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास और 27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 2 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने जिले में पहली बार किसी दोषी को वीडियो कांफ्रेेंस के जरिए सजा सुनाई।

जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान ने बताया कि 12 नवंबर 2014 की शाम करीब 4 बजे गैंगस्टर मुकीम काला, डॉ इसरार और महताब काना ने अपने गिरोह के साथियों के साथ गांव खुरगान के जूनियर हाई स्कूल में वॉलीबाल खेलते हुए तालिब की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी जबकि मृतक के भाई फुरकान ने भाग कर अपनी जान बचाई थी। फुरकान में कोतवाली में मुकीम गिरोह के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मृतक तालिब के भाई जुल्फान उर्फ काला की भी 19 जून 2011 को मुकीम गिरोह ने हत्या कर दी थी जिसमें तालिब पैरवी कर रहा था। मुकीम काला की चित्रकूट जेल में हत्या कर दी गई थी।

वही डॉक्टर इसरार 24 अप्रैल 2016 को कैराना कोर्ट में पेशी के दौरान करनाल पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। डॉ इसरार 24 अगस्त 2014 को रंगदारी नहीं देने पर ममेरे भाइयों शिवकुमार उर्फ शंकर और राजेंद्र उर्फ राजू की हत्या में भी शामिल था। इसके बाद कैराना से पलायन शुरू हो गया था। डॉ इसरार पर गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज है। तालिब की हत्या में डॉक्टर इसरार की पत्रावली अलग कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए।

बृहस्पतिवार शाम करीब 7 बजे दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश ऋतु नगर ने मुजरिम डॉक्टर इसरार को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जनपद में पहली बार मुजरिम को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सजा सुनाई गई। वर्तमान में मुजरिम डॉक्टर इसरार बागपत जेल में बंद हैं।बागपत से ही उ सकी ऑनलाइन पेशी कराई गई।

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