ओमिक्रॉन संभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया नेहरू नगर

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गाजियाबाद। जिले में कोरोना का असर दोबारा दिखने लगा है। यही वजह है कि जितने एक माह में कोरोना के मरीज मिले थे, करीब उतने पांच‍ दिन में मिले हैं. इस वजह से गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में हड़कंप मच गया है।

इनमें से चार की ट्रैवल हिस्‍ट्री है। ऑमिक्रोन की पुष्टि के लिए संक्रमितों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिग के लिए भेज दिए गए हैं। इसके साथ ही जिले का पहला ओमिक्रॉन संभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्र नेहरू नगर को घोषित किया गया है। विभाग पूरी सावधानी और सतर्कता बरत रहा है.जिले में कोरोना दोबारा से पैर पसार रहा है. बाहर से आने वाले लोगों की जांच में तेजी लाई गई है। यही वजह से चौबीस घंटे में दो कोरोना सांक्रमित मिले हैं जो बाहर से आए हैं।

गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अुनसार महाराष्ट्र से जयपुर होकर गाजियाबाद लौटे नेहरू नगर के दंपती कोरोना संक्रामित पाए गए हैं. संपर्क में आने पर एक अन्य महिला संक्रमित हो गई.नेहरू नगर क्षेत्र को ओमिक्रॉन संभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है. यह शहर का पहला ओमिक्रॉन अतिसंवेदनशील क्षेत्र है. यहां पर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने शिविर लगाया है. इस दौरान 145 लोगों की कोरोना जांच की गई।

दूसरे संक्रमित युवक की भी ट्रैवल हिस्ट्री है. निजी अस्पताल में भर्ती संक्रमित मरीज हाल ही में ओमान से यात्रा करके लौटा है. वैक्सीन भी वहीं पर लगवाई गई थी. शहर में आते ही युवक उत्तराखंड घूमने गए तो बुखार आ गया. वापस लौटते ही निजी अस्पताल में भर्ती होने पर कोरोना जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई है. इसके साथ ही कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो गई है। अकेले नेहरू नगर में तीन सक्रिय केस हैं।

जिला संवर्लिांस अधिकारी डा. आर के गुप्‍ता ने बताया कि ओमिक्रॉन की संभावना को देखते हुए जांच केन्‍द्रों की संख्‍या बढ़ा दी गई है। अब जिले में 42 केन्‍द्रों में जांच होगी। 28 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अब कोरोना जांच होगी. विभाग ने इन केंद्रों पर तैनात लैब टेक्नीशियनों के मोबाइल नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। इनमें लोनी के आधा दर्जन केंद्र शामिल है. सीएचसी लोनी, डासना, मुरादनगर और मोदीनगर में पहले से ही जांच की जा रही है।

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