मेरठ। एक बीघे में 200 क्विंटल गन्ना सुनने में थोड़ा अजीब सा लगता है, लेकिन यह सच है। इसे मुकाम तक पहुंचाया मेरठ के एक गन्ना किसान ने। इतना ही नहीं उसने गन्ना बोने में लगी लागत भी शून्य कर ली। मतलब आपका गन्ना पहले ही साल से कीमत मुक्त हो जाता है। उन्होंंने 20 बीघे में गन्ने की फसल बोई। इसके बाद उन्होंने एक ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे उनके गन्ने की पूरी कीमत निकल आई और एक बीघे में 200 क्विंटल गन्ने की पैदावार हुई। उस किसान की इस तकनीक की हर तरफ तारीफ हो रही है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि उस किसान ने कौन सी तकनीक अपनाकर खेती की और भी अधिक सशक्त बना दिया और उसने चमत्कार ही कर दिया।
मेरठ के लावड़ क्षेत्र के गांव चींदौड़ी निवासी किसान वीरेंद्र सिंह ने अपने खेत में एक ऐसा प्रयोग किया जिसने किसानों का हौसला बढ़ा दिया। किसान का दावा है कि उनकी इस तकनीक से गन्ने की फसल गिरने से बचती है धूप और पानी भी बेहतर तरीके से मिल सकेगा, जिससे गन्ने की लंबाई और मोटाई बढ़ने तथा उत्पादन में वृद्धि होगी।
किसान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पहली बार यह प्रयोग किया है। सामान्य तौर पर तेज हवा या बारिश के कारण गन्ने की फसल गिर जाती है। इससे गन्ने का वजन और उत्पादन प्रभावित होता है। फसल को गिरने से बचाने के लिए किसान परंपरागत रूप से गन्ने की बंधाई करते हैं, जिसमें अतिरिक्त लागत आती है। इसके बावजूद कई बार फसल गिर जाती है। इसी समस्या से बचने के लिए उनके मन में गन्ने को बांस के सहारे खड़ा करने का विचार आया। उन्होंने बताया कि इस बार करीब 20 बीघा गन्ने की फसल में बांस का प्रयोग किया है। परिणाम बेहतर रहे तो आने वाले वर्षों में अन्य खेतों में भी इसे अपनाएंगे।
ट्रेंच विधि से बुआई और सहफसली खेती भी
वीरेंद्र सिंह ने गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से की है। इसमें एक क्यारी से दूसरी क्यारी के बीच करीब छह फीट की दूरी रखी है। किसान के अनुसार इससे खेत में फसल को पर्याप्त जगह मिलती है और उत्पादन भी बेहतर हुआ है। वहीं, गन्ने की कतारों के बीच खाली जगह का उपयोग करते हुए उन्होंने खीरे की सहफसली खेती भी की है। इससे एक ही खेत से दो फसलों का उत्पादन लेकर अतिरिक्त आमदनी हुई। इससे उनके गन्ना बोने की लागत भी शून्य हो गई। किसान का कहना है कि बांस का प्रयोग सफल रहा तो इससे गन्ने की गिरने की समस्या कम करने के साथ खेती की लागत और उत्पादन के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल देखकर तो यही लग रहा है कि एक बीघे में उन्हें करीब 200 क्विंटल गन्ना मिल जाएगा।
क्षेत्र में किसान वीरेंद्र सिंह का खेत इन दिनों आसपास के किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। खेत के पास से गुजरने वाले किसान कुछ देर रुककर फसल को देखते हैं और उसके साथ फोटो भी लेते हैं। वीरेंद्र सिंह ने बताया कि किसान खेत में लगी फसल को देखकर यह जानने में विशेष रुचि दिखा रहे हैं कि इसमें बांस किस तरह लगाए गए हैं और इससे उन्हें क्या लाभ मिल सकता है। कई किसान खेती की तकनीक, लागत और उत्पादन से जुड़ी जानकारी भी लेते हैं।

