लखनऊ। सुल्तानपुर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को वर्ष 2018 के आपराधिक मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाते हुए उन्हें बरी कर दिया। अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद राहुल गांधी कोर्ट परिसर से रवाना हो गए।

यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़ा है। वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में दिए गए एक बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस समय अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।

सुल्तानपुर के स्थानीय भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी शिकायत के आधार पर अदालत में आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू हुई।

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से कानूनी दलीलें पेश की गईं। राहुल गांधी ने आरोपों से इनकार किया था। उनके पक्ष की ओर से शिकायत को निराधार बताते हुए राहत देने की मांग की गई थी। मामले में पहले भी कई बार सुनवाई हुई और फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई थी।

सोमवार को राहुल गांधी फैसले के समय अदालत में मौजूद रहे। अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया, जिसके बाद वह वहां से रवाना हो गए। इस फैसले से करीब आठ साल से चल रहे इस मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत मिली है।