उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव से पहले मतदाता सूची में आई तकनीकी खामियों ने सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा कर दिया है। इलाहाबाद-झांसी खंड की वोटर लिस्ट में एक मतदाता का नाम 'राम ने यादव का मारा' दर्ज पाया गया, जबकि उनके पिता का नाम 'मूर्ख चंद्र यादव' लिखा था। यह अजीबोगरीब स्थिति सॉफ्टवेयर द्वारा अंग्रेजी से हिंदी में किए गए गलत अनुवाद के कारण पैदा हुई है।
जांच में सामने आया कि मतदाता का असली नाम रामहित यादव (Ramhit Yadav) था। सॉफ्टवेयर ने 'Ramhit' को 'Ram hit' समझ लिया और उसका हिंदी अनुवाद 'राम ने मारा' कर दिया। इसी तरह की गलतियां अन्य नामों में भी देखी गईं, जहां 'राम ने शर्मा को मारा' और पिता के नाम की जगह 'B.Com' जैसी प्रविष्टियां दर्ज हो गईं। इन तस्वीरों के वायरल होते ही विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई थी। कुल 14.81 लाख मतदाताओं में से केवल 158 प्रविष्टियों में इस तरह की लिप्यंतरण (transliteration) की त्रुटि हुई है। सॉफ्टवेयर ने अंग्रेजी शब्दों का उच्चारण बदलने के बजाय उनका सीधा अर्थ निकाल दिया, जिससे यह अनर्थ हुआ।
आयोग ने आश्वासन दिया है कि इन तकनीकी गलतियों की वजह से किसी भी पात्र मतदाता को वोट डालने से वंचित नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं। फिलहाल, सोशल मीडिया पर लोग इन नामों को लेकर जमकर चुटकी ले रहे हैं।
