नई दिल्ली। इन दिनों कई राज्यों में ऐसे गैंग सक्रिय हैं जो लोगों से दोस्ती कर उनके अश्लील वीडियो बना लेते थे। उसके बाद ब्लैकमेल कर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऐसे ही एक गैंग के सरगना को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव इशनाका, नागर, भरतपुर राजस्थान निवासी जयसिर (25) के रूप में हुई है। महज आठवी पास नासिर साइबर क्राइम में एक्सपर्ट है। इस गैंग ने 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ हैं। गैंग 100 से अधिक मोबाइल फोन और 1000 से ज्यादा सिमकार्ड का इस्तेमाल करता है। पुलिस ने नासिर के पास से उगी की रकम खरीदी गई एक बोलेरो और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को नासिर के गैंग के दस से अधिक सदस्यों की तलाश है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार बकि पूर्वी दिल्ली निवासी एक बुजुर्ग ने अपराध शाखा को जबरन वसूली की शिकायत की थी। बताया था कि बीते दिनों फेसबुक के जरिये उनकी किसी लड़की से दोस्ती हुई थी। वह लड़की से चैट करने लगे। बाद में पता चला कि यह फर्जी अकाउंट था। बदमाशों ने लड़की के नाम पर बुजुर्ग की अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद उनको ब्लैकमेल करने लगे। आरोपियों ने खुद को यू-ट्यूब का अधिकारी बताकर लड़की का शोषण करने का आरोप लगाया। इसके बाद आरोपियों ने बुजुर्ग से मोटी रकम मागी, रुपये न देने पर बुजुर्ग का अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देने लगा। डर की वजह से भुजुर्ग ने चार लाख रुपये आरोपियों को दे दी। पीड़ित की शिकायत लेने के बाद अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त मनोज, इंस्पेक्टर शिवदर्शन, एसआई रॉबिन त्यागी अन्य की टीम ने छानबीन शुरू की।
टेक्निकल सर्विलांस की जांच से पता चला कि आरोपी 100 से अधिक मोबाइल फोन और फर्जी पते पर लिए 1000 से अधिक सिमकार्ड का इस्तेमाल करते हैं। सभी नंबर उत्तर-पूर्वी राज्यों, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा व दूसरी जगहों से जारी किए गए नंबर है। जांच के दौरान पुलिस को यह पता चला कि ठगी और जबरन वसूली का सारा खेल भरतपुर और उसके आसपास के इलाकों से चल रहा है। काफी छानबीन के बाद पुलिस ने गैंग सरगना नासिर को नागर, भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। उसके एक खाते से 2.39 तीन माह पूर्व खरीदी गई एक नई बोलेरो गाड़ी व अन्य सामान बरामद हुए आरोपी ने बुजुर्ग से ठगों की बात कबूल कर ली। नासिर ने बताया कि उसके गांव के ज्यादातर लोग इसी तरह आनलाइन ठगी का धंधा करते हैं। वह पहले खुद ट्रक ड्राइवर था। करीब दो साल से वह इसी तरह ठगी कर मोटी कमाई कर रहा था। इसके गंग में करीब 10 अन्य लोग शामिल हैं।
ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम
गैंग का मुख्य धंधा लोगों का अश्लील वीडियो बनाकर बदनाम करने के नाम पर ब्लैकमेल कर रकम ऐंठनी थी। आरोपी फर्जी अकाउंट बनाकर फेसबुक, व्हाट्सएप या दूसरी सोशल मीडिया प्लेटफार्म से आम लोगों के पास फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजते थे। इन फर्जी अकाउंट पर किसी सुंदर सी लड़की का फोटो लगाया जाता था। लोग बड़ी ही आसानी से लड़की का फोटा देखकर इनके जाल में फंस जाते थे।
नासिर लड़की बनकर खुद ही चैट करता था। बातचीत के दौरान यह एक अन्य मोबाइल से लड़की का अश्लील वीडिया चलाकर सामने वाले को कपड़े उतरने के लिए उकसाव थे। पीड़ित जैसे ही अपने कपड़े उतरकर अश्लील हरकत करता था, यह उसके वीडियो बना लेते थे। चैट खत्म होने के 10 से 15 मिनट के बाद पीड़ित के मोबाइल पर कॉल कर यह लोग खुद को यू-ट्यूब का अधिकारी बताकर क्राइम ब्रांच साइबर सेल या दूसरी एजेंसी का बताकर धमकाते थे वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मोटो रकम ऐंठ ली जाती थी।
नासिर के गांव में लोगों के काम अलग-अलग
पुलिस की पूछताछ में नासिर ने बताया है कि उसके गांव में ज्यादातर लोगों का साइबर ठगी है। कोई फर्जी पतों पर देशभर के अलग-अलग राज्यों के जारी किए गए सिमकार्ड दिलवाता था। इसके अलावा कुछ लोगों ने देशभर के अलग-अलग राज्यों में फर्जी पतों पर बैंक अकाउंट खुलवाए हुए थे उगी की रकम इन बैंक में पहुंचा दी जाती दी जाती थी। बैंक का काम करने वाले 15 से 20 फीसदी अपना कमिशन रखकर बाकी रकम ठगी करने वाले गैंग को दे देता था अपराध शाखा की टीम ने नासिर से पूछताछ के बाद कुछ लोगों की पहचान कर ली है। उनकी तलाश में टीग लगातार दबिश दे रही है।
