अमेरिका हमले का इरान ने दिया तगड़ा जवाब, खाड़ी देशों अलर्ट

america iran war

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। हाल के घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। सीजफायर समाप्‍त होने के बाद अमेरिका ने इरान के 90 ठिकानों पर ताजा हमले किए हैं। वहीं इरान ने भी पलटवार करते हुुए कुवैतऔर कतर में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। खाड़ी देशों में अलर्ट जारी किया गया है।

इन हमलों के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी समर्थित सैन्य गतिविधियों और क्षेत्र में बढ़ती तैनाती के कारण पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच पहले बनी संघर्षविराम जैसी स्थिति अब कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।

इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर पड़ रहा है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

उधर, भारत सहित कई देशों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह समाप्त होने से दूर है।

advertisement at ghamasaana