नई दिल्ली। सौंदर्य प्रसाधन बेचने वाली ई-कॉमर्स कंपनी नायका की शुरुआत करने वाली फाल्गुनी नायर अपने दम पर देश की सबसे अमीर महिला बन गई हैं।

ई-कॉमर्स कंपनी नायका की सीएमडी फाल्गुनी नायर सिर्फ महिला उद्यमी या कारोबारी कहलाना पसंद नहीं करती हैं। उन्हें ऐसे जेंडर स्टीरियोटाइप्स शब्द नापसंद हैं। वह कहती हैं, उन्हें परिवार में कभी बेटे-बेटी का फर्क नहीं दिखा। समान व्यवहार से काफी आत्मविश्वास मिला। यही सफलता की वजह बना।

अपनी सफलता के राज के बारे में
फाल्गुनी ने बताया कि नई कंपनी के लिए इंटरनेट और ई-कॉमर्स के बारे में सीखते हुए तकनीक की शक्ति को समझने का मौका मिला। इसने यह भी साबित किया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। ई-कॉमर्स के जरिये बेहद जटिल काम, बहुत बड़े स्तर पर संभव हैं। लाखों उपभोक्ताओं तक तत्काल अपनी बात पहुंचाकर संवाद किया जा सकता है। वह बताती हैं कि काम के शुरुआती दौर में वह यूरोप, अमेरिका जैसे बड़े सौंदर्य उत्पाद बाजार को देख रही थीं। भारत में वैसा नहीं था। यहां दिल्ली मुंबई के साथ टियर 2 व 3 शहरों के ग्राहकों की पसंद जानना जरूरी था, जो मेट्रो शहरों से बहुत अलग नहीं है।

बुधवार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण एक लाख करोड़ के पार पहुंच गया। कंपनी ने पहले ही दिन निवेशकों को 89 फीसदी तक लाभ दिया। फाल्गुनी की कुल संपत्ति 650 करोड़ डॉलर यानी 48,340 हजार करोड़ रुपये आंकी जा रही है। नायका के आईपीओ में प्रति शेयर आकलन 1,085 से 1,125 रुपये था, जो शेयर बाजार में 2,001 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ।

महिला उद्यमी के नेतृत्व में बनी 100 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य की पहली कंपनी से फाल्गुनी देश की दूसरी सबसे रईस महिला भी बन गईं। वह विश्व की कुछ सबसे अमीर महिलाओं की सूची में भी शुमार हो चुकी हैं। जिस कंपनी के बूते पर फाल्गुनी अरबपति बनीं हैं, उसे उन्होंने महज आठ साल पहले 50 साल की उम्र में शुरू किया था। अभी इसका मालिकाना हक एफएसएन ई-कॉमर्स कंपनी के पास है।