गुरुग्राम। अपनी एक बड़ी प्रॉपर्टी बेचने के बाद जश्न का वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करना गीतांजलि प्राइवेट लिमिटेड को भारी पड़ गया। आयकर विभाग को गीतांजलि प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 100 करोड़ की प्रॉपर्टी बेचे जाने की जानकारी यूट्यूब के जरिये ही मिली थी। उसी के आधार पर परत दर परत 32 माइल्स स्टोन, किंगडम ऑफ ड्रीम्स सहित कई कंपनियों पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता चला गया। विभाग की मानें तो 100 करोड़ की प्रॉपर्टी सेल करने की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी गई थी।

सोशल मीडिया पर जश्न का वीडियो चलने के बाद ही आयकर विभाग सक्रिय हुआ और अपनी जांच आगे बढ़ाई। आयकर ने इसी में शामिल गीतांजलि प्राइवेट लिमिटेड के मालिक, संचालक और उनसे जुड़े लोगों की पहचान की। इन सभी लोगों के नाम के साथ-साथ कंपनियों में उनके शेयर, उनके पैन नंबर तथा रिटर्न की धीरे-धीरे पड़ताल हो गई, जिसमें उनकी ओर से खरीद फरोख्त का विवरण आयकर विभाग में न होने की बात सामने आई थी।

इस कार्रवाई के दौरान दूसरे दिन भी इन संस्थानों से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े संस्थानों के प्रबंधक और संचालकों के बीच भी अफरातफरी का माहौल रहा। कई लोगों ने छापे के दौरान संबंधित कंपनियों के संचालकों से मोबाइल पर बात करनी चाही तो उनके फोन बंद मिले, जिनके फोन खुले हुए थे, उन्होंने बात नहीं की। आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान इन संस्थान तथा उनके संचालकों के घरों में लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा। सिविल ड्रेस में सुरक्षा कर्मी घरों तथा संस्थानों के बाहर तैनात रहे।

आयकर विभाग की टीम को सबसे बड़ा मामला किंगडम ऑफ ड्रीम्स, गीतांजलि की गलेरिया बिल्डिंग और उससे जुड़े लेबरम अपार्टमेंट में मिला है। यहीं पर सर्वाधिक आयकर चोरी के मामले पाए गए हैं। साथ ही इसी स्थान से अन्य कंपनियों के बारे में भी जानकारी मिली है। छापे के दौरान आयकर विभाग की विजिलेंस अधिक से अधिक जानकारी जुटाना चाहती है।

इस उद्देश्य से कंपनियों के संचालकों के फोन कॉल पर भी टीम सख्त नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि उनके पास किस-किस की कॉल आ रहीं हैं और क्या-क्या बात हो रहीं हैं, उनकी जानकारी आयकर विभाग की विजिलेंस टीम जुटा रही है। छापे के दौरान आयकर विभाग के स्थानीय अधिकारी किसी भी तरह की जानकारी नहीं दे पाए। उनका कहना था कि इस बारे में चंडीगढ़ स्थित महानिदेशक इनकम टैक्स की ओर से ही जानकारी दी जा सकेगी, क्योंकि इस छापे का निर्देशन वहीं से हो रहा है। उन्हीं के कार्यालय में सभी जानकारियां टीमों के स्तर से दी जा रहीं हैं।