ख़ामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं, राघव चड्डा का बड़ा बयान

raghav chaddha ghamasaana

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद पर बड़ा बदलाव करते हुए यह ज़िम्मेदारी राघव चड्डा की जगह अशोक कुमार मित्तल को सौंप दी है। इस फैसले के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

इस बदलाव के बाद शुक्रवार को राघव चड्डा ने एक वीडियो जारी कर पार्टी के इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा, “मुझे ख़ामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूँ।”राघव चड्डा ने दावा किया कि पार्टी की ओर से राज्यसभा सचिवालय को कहा गया है कि उनके संसद में बोलने पर रोक लगाई जाए।

उन्होंने कहा, मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूँ। शायद ऐसे मुद्दे उठाता हूँ, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है?”उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर उनके बोलने पर रोक लगाने की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

चड्डा ने कहा, मैंने जो मुद्दे उठाए, उससे आम आदमी का फायदा हुआ। लेकिन पार्टी का क्या नुकसान हुआ? भला कोई मेरी आवाज़ को क्यों बंद करना चाहेगा?” इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, गुरुवार को न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में नए डिप्टी लीडर अशोक कुमार मित्तल ने इस बदलाव को सामान्य प्रक्रिया बताया।

अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि संसद में पार्टी के लीडर या डिप्टी लीडर का बदलाव समय-समय पर होता रहता है। उन्होंने कहा, राघव जी से पहले एनडी गुप्ता जी डिप्टी लीडर थे, आज मैं बना हूँ, कल कोई और आएगा। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक है और समय-समय पर नेताओं को नई जिम्मेदारियां देकर उनकी प्रतिभा को उभारने की कोशिश करती है।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य है और यह फैसला संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है।

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