नई दिल्ली। बीजेपी के दांव से एक बार फिर नीतिश कुमार चित हो गए। पार्टी के सभी विधायक भाजपा में शामिल हो गए। जिससे अब जदयू का एक भी सदस्य यहां नहीं बचा है। ऐसे में नीतिश कुमार की पार्टी में खलबली मची हुई है। नीतिश के भाजपा के साथ छोड़ने से ये सभी विधायक नाराज चल रहे थे।
यह बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के लिए किसी झटके से कम नहीं है। उधर, नीतिश कुमार विपक्ष को एकजुट करने में लगे हैं, इधर उनकी पार्टी भाजपा मय होती जा रही है। इससे पहले मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश इकाइयों के जेडीयू नेता भाजपा में शामिल हुए थे। े अब दादरा नगर हवेली और दमन दीव से जेडीयू के 16 नेता बीजेपी में शामिल हो गए। जेडीयू के नेता और स्थानीय निकायों में निर्वाचित सदस्य भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुए। नीतीश कुमार की पार्टी जदयू की यह तीसरी इकाई है, जिसके नेता जेडीयू के भाजपा के साथ अलग होने के बाद बीजेपी में शामिल हो गए।
इस बारे में भाजपा महासचिव तरुण चुग ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश से जदयू के 16 नेता पार्टी में शामिल हुए। इससे पहले मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। जेडीयू के राष्ट्रीय परिषद से ठीक पहले मणिपुर में जेडीयू के 6 में से पांच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में भी जेडीयू के सात में 6 विधायकों ने पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम लिया था।
बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल का कहना है कि नीतीश कुमार ने जब से भ्रष्टाचारी और जंगलराज के प्रतीक माने जाने वाले राष्ट्रीय जनता दल के साथ मिलकर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाई है, तभी से उनकी पार्टी में लगातार टूट देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले अरुणाचल प्रदेश फिर मणिपुर और अब दादरा नगर हवेली के जनता दल यूनाइटेड की पूरी इकाई ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने कहा कि नीतीश से जेडीयू के अंदर खाने में खासी नाराजगी है। वहीं दूसरे प्रदेश में जहां इक्के दुक्के जेडीयू के कार्यकर्ता और नेता बचे हैंए वह धीरे.धीरे जेडीयू और नीतीश कुमार को छोड़ अपने राजनीतिक भविष्य के लिए दूसरा ठिकाना खोज रहे हैं।
