बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव सादकपुर में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में सोमवार की रात गुलदार फंस गया। गुलदार पकड़े जाने की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वहीं वन विभाग पकड़े गए गुलदार और भटपुरा गांव में युवती को मारने वाला गुलदार एक ही होने की संभावना जता रहा है।
एसडीओ अंशुमान मित्तल ने बताया कि गुलदार पिंजरे में बंद है। मौके पर भीड़ ज्यादा होने के कारण पिंजरे को कवर करा दिया गया। संभावना है कि भटपुरा में युक्ति को मारने वाला गुलदार यही था। बाकी जांच पड़ताल के बाद ही पता चलेगा।
रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव सादकपुर में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में गुलदार फंस ही गया।गुलदार के फंसने पर गांव के ग्रामीणो ने राहत की सांस ली है। 2 जुलाई को सादकपुर भटपुरा मार्ग पर 30 जुलाई को गुलदार के हमले में हुई भटपुरे में युवती जमना की मौत के बाद सर्वेश वत्सल के ट्यूबवेल पर लगाया गया।हालांकि 31 जुलाई को दो पिंजरे गांव निवासी चमन सिंह व नत्थू सिंह के खेतों पर भरपुरा खैरूल्लापुर नहर मार्ग पर लगाए गए थे।
गुलदार की मौजूदगी गांव सादकपुर में पिंजरा लगाए स्थान पर मिल रही थी सोमवार की शाम को भी ग्रामीणो ने गुलदार की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दी थी जिसके बाद यह पिंजरा लगाया गया था। वही कहीं न कहीं वन विभाग की दुश्वारियां भी कम हुई है ओर उन्हें पहली सफलता हासिल हुई है। रेहड़ थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर, मुस्सेपुर ,बादशाहपुर, मच्छमार, भटपुरा व हसनपुर में गुलदार ने जमकर आतंक मचाया था।अब देखना यह है कि पिंजरे मे फंसा गुलदार नरभक्षी घोषित किया खूनी गुलदार है या कोई अन्य है।

