देहरादून । रात के अंधेरे में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की घटनाओं पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व चोरों की तरह मजारों और मस्जिदों पर हमला कर रहे हैं, जिससे स्थानीय समुदाय में भय का माहौल बन रहा है। शम्स ने यह भी बताया कि राज्य सरकार अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई कर रही है, परन्तु रात में होने वाले इन अराजक कार्यों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने पुलिस से सवाल किया कि यदि ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो अब तक आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ा गया। उन्होंने कहा, “हमने कई बार शिकायतें दर्ज करवाई हैं, पर पुलिस की कार्रवाई में देरी और लापरवाही देखी गई है।” शम्स ने यह भी संकेत दिया कि इन हमलों के पीछे विपक्षी दलों की साजिश हो सकती है, जो वोट बैंक साधने के लिए धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करना चाहते हैं।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति कानून के ऊपर नहीं है और किसी को धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। शम्स ने कहा, “देश का संविधान ही हमारा सबसे बड़ा धर्मग्रंथ है, और इसे सभी को सम्मान देना चाहिए।” उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वे रात में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को बढ़ाएँ और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

इन घटनाओं ने देहरादून के नागरिकों में असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। कई स्थानीय लोग अब रात में बाहर निकलने से हिचकिचाते हैं, fearing further attacks. वक्फ बोर्ड ने भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा उपायों की मांग की है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। समुदाय के नेता भी इस मुद्दे पर एकजुट हुए हैं और उन्होंने सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय निकायों से सहयोग की मांग की।