सहारनपुर। बंदाहेड़ी गांव की पंचायत में समाज के हित में कुछ अहम फैसले लिए गए। तय हुआ कि पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर समझाने के बाद भी शराब पीने से ना मानने पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचायत ने शादी-विवाह की फिजूलखर्ची पर रोक के साथ ही किन्नरों द्वारा नेग मांगे जाने के दौरान आए दिन होने वाली झिकझिक को रोकने के भी उपाय किए। पंचायत में ध्वनि प्रदूषण की भी चिंता करते हुए निर्णय लिए गए।
गंगोह थाना क्षेत्र स्थित गांव बंदाहेड़ी में हुई पंचायत में कहा गया कि दूसरे गांवों की तरह यहां भी कई युवकों को नशे की आबादी लगभग पांच हजार है। बीते कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि विवाह आदि के निमंत्रण पत्र बांटने गए कुछ लोग दुर्घटना के शिकार हो गए। तय हुआ कि किसी भी आयोजन का निमंत्रण पत्र अब वाट्सएप के माध्यम से ही भेजा जाएगा। इससे समय और पैसा दोनों बचेगा।
विभिन्न अवसरों पर नेग को लेकर किन्नरों द्वारा झिकझिक की जाती है, लोग परेशान होते हैं। इसके लिए गांव में किन्नरों को अब केवल पांच सौ से लेकर 1100 रुपये के बीच ही नेग स्वरूप दिए जाएंगे। गांव में तेज डीजे बजाना प्रतिबंधित किया जाएगा। बात न मानने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
पंचायत के निर्णयों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगेगा। इससे प्राप्त धन बच्चों की अच्छी शिक्षा और खानपान में खर्च किया जाएगा। संचालन करने वाले सुखदेव सिंह ने बताया कि ऐसा करने की प्रेरणा देवबंद क्षेत्र स्थित मिरगपुर गांव के लोगों से मिली है।
में चौधरी धर्मपाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण युवा नशे के दलदल में समा रहे हैं, जो चिंता की बात है। अब शराब पीने और हुड़दंग करने वालों का विरोध किया जाएगा। शराब पीने व हुड़दंग करने वालों पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

