नई दिल्ली। बिहार में शराब पर प्रतिबंध के बावजूद 72 घंटों में जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई है। गोपालगंज जिले में जहरीली शराब से शुक्रवार को मरने वाले का आंकड़ा 20 तक पहुंच गया। हालांकि गोपालगंज के डीएम डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने कहा कि 11 की मौत स्प्रिट पीने से हुई है। बेतिया में भी 13 की मौत हो गई है।

जहरीली शराब से मौतों को घरवाले प्रशासन के डर से छुपा रहे हैं। राज्य में जहरीली शराब से हो रही मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, उपचुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शह पर उनके मंत्रियों और पुलिस प्रशासन ने स्वयं मतदाताओं के बीच भी सरकार की शह पर शराब का वितरण हो रहा है। बिहार में 20 हजार करोड़ की अवैध शराब तस्करी और समानांतर ब्लैक इकोनॉमी के सरगना इसका जवाब दें।

तेजस्वी ने कहा कि मुजफ्फरपुर में पांच दिन पूर्व जहरीली शराब पीने से 10 लोग मरे। बुधवार और बृहस्पतिवार को गोपालगंज में 20 लोग मरे बेतिया में बृहस्पतिवार को 13 लोगों की मौत हुई। तेजस्वी ने कहा कि 3 दिनों में ही जहरीली शराब से 50 से शराब वितरण किया। पंचायत चुनाव में अधिक मौतें हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहरीली शराब से मौत मामले में शुक्रवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने इस घटना नाराजगी जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को चिह्नित कर उन पर सख्त कार्रवाई करें।