मुजफ्फरनगर। पर्यावरण मानकों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैलाने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मंसूरपुर स्थित सर शादीलाल डिस्टलरी एंड केमिकल पर 50 करोड़ रुपये और धामपुर शुगर मिल (डीएसएम) मंसूरपुर पर पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि अप्रैल तक एनजीटी में जमा करनी होगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी मामले का फालोअप कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की सयुंक्त टीम को डिस्टलरी और शुगर मिल में जांच के दौरान पर्यावरण मानकों का उल्लंघन मिला था। इस आधार पर जुर्माना नोटिस जारी किया गया है।
याचिका पर गंभीर हुआ था एनजीटी
मुजफ्फरनगर निवासी एडवोकेट विनीत कुमार ने सर शादीलाल डिस्टलरी एंड केमिकल और डीएसएम शुगर मिल मंसूरपुर में यूपीपीसीबी और सीपीसीबी की जांच के बाद जुर्माना लगाने में लापरवाही बरतने पर एनजीटी में याचिका दाखिल की थी। एनजीटी ने संयुक्त कमेटी बनाकर इकाइयों की दोबारा जांच कराई थी। 11 फरवरी को एनजीटी में सुनवाई हुई। मंगलवार को जुर्माने का आदेश जारी किया गया।
सरशादीलाल डिस्टलरी और डीएसएम शुगर मिल पर जुर्माना लगाने की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। दोनों जगहों पर जांच में पर्यावरण मानकों का उल्लंघन मिला था। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई के लिए स्थानीय स्तर पर भी गंभीरता बरती जाएगी -अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
सीपीसीबी और यूपीपीसीबी की टीम ने हमारे यहां जांच की थी, लेकिन कार्रवाई की जानकारी नहीं है-सुनील जैन, महाप्रबंधक, सर शादीलाल डिस्टलरी एंड केमिकल
मिल की दलीलों को नहीं सुना गया है। नोटिस का अध्ययन कर अधिकारियों को अवगत कराएंगे-अरविंद कुमार दीक्षित, महाप्रबंधक, डीएसएम शुगर मिल

