नई दिल्ली / पहलगाम | एक नई ज़िंदगी की शुरुआत की थी… हाथों की मेंहदी अभी भी गीली थी… शादी के रिसेप्शन की गूंज कानों में थी… लेकिन किस्मत ने ऐसा ज़ख्म दिया, जिससे यह नवविवाहिता कभी उबर नहीं पाएगी।
कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में भारतीय नौसेना के 26 वर्षीय अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की शहादत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। शादी के मात्र 6 दिन बाद, हनीमून पर कश्मीर पहुंचे थे। पर जो सफर प्रेम और खुशी का होना था, वह मातम में बदल गया।
पत्नी के सामने बिछड़ गया हमसफर
हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक हृदयविदारक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें विनय की नवविवाहिता पत्नी उनके शव के सामने पत्थर की मूर्ति सी बैठी है। आंखों में आंसू नहीं, बस सन्नाटा है – जैसे यक़ीन ही नहीं हो रहा कि उनका सुहाग उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया।
कोच्चि में तैनात थे लेफ्टिनेंट नरवाल
रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल दो साल पहले भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और वर्तमान में कोच्चि में तैनात थे। 16 अप्रैल को शादी के बाद वह पत्नी संग कश्मीर छुट्टियां मनाने आए थे। 19 अप्रैल को रिसेप्शन हुआ था, और चार दिन बाद ही आतंकवाद ने उनका उज्ज्वल भविष्य छीन लिया।
गांव में मातम, पड़ोसी बोले – सपना टूट गया
हरियाणा स्थित उनके पैतृक गांव में शोक की लहर है। पड़ोसी नरेश बंसल ने बताया, “चार दिन पहले शादी हुई थी, पूरा गांव खुश था… लेकिन अब हम सब शोक में हैं। विनय एक होनहार युवा थे, सेना की शान थे।”
सरकार से सहायता और न्याय की मांग
इस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर है। लोगों की मांग है कि देश को ऐसे हमलों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी और का घर यूं उजड़ न जाए।

