Bijnore : सन्नी देओल के दमदार डॉयलाग सुनकर भाग जाते हैं गुलदार, ग्रामीणों ने खोजा नायाब तरीका

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बिजनौर। बलवंतराय के… यह डॉयलग तो आपने सुना होगा। यह डॉयलग अभिनेता सन्नी देओल की फिल्म घायल का है। अब यही डॉयलग कई गांवों के लोगों के लिए राहत की खबर लेकर आया है। सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा, लेकिन इस डॉयलाग से जिले के जंगलों में घूम रहे गुलदार भी डरकर भाग जाते हैं। खास बात यह है कि खेतों में गुलदारों को रोकने के लिए ग्रामीणों ने यह तरीका खोजा है, जिसे वन विशेषज्ञ भी कुछ हद तक कारगर बता रहे हैं।
चंदक, छाछरीमोड़ आदि क्षेत्रों में जंगल जाने वाले कुछ ग्रामीण मोबाइल में फिल्म चलाकर खेतों पर घूम रहे हैं ताकि गुलदार को एक से अधिक लोगों के साथ होने का भ्रम हो और वह पास न आए। खासतौर से ग्रामीणों को तेज आवाज वाली सनी देओल की फिल्में इसके लिए कारगर नजर आ रही हैं।

जिले के आबादी क्षेत्र और खेतों में गुलदार की मौजूदगी लगातार सामने आ रही है। बढ़ापुर, नगीना, चांदपुर और बिजनौर तहसील में लगातार खेतों में गुलदार देखे जा रहे हैं। अनुमान है कि जिलेभर के जंगलों में 150 से ज्यादा गुलदार घूम रहे हैं। इनकी संख्या भी लगातार बढ़ रही है। हाल ही की बात करें तो शुक्रवार को छाछरीमोड़ क्षेत्र में एक गुलदार मृत मिला हैए जिससे इस क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी की पुष्टि हो रही है।

वहीं एक सप्ताह पहले रावली क्षेत्र में किसान पर गुलदार ने हमला किया था। ऐसे में वन विभाग ने ड्रोन की मदद से खेतों की मैपिंग भी शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने गुलदार के हमले से बचने के लिए मोबाइल की मदद लेनी शुरू कर दी है। खासतौर से शाम के समय ग्रामीण अपने खेतों पर मोबाइल की फ्लैश टार्च ऑन कर तेज आवाज डॉयलॉग वाली फिल्म चला रहे हैं। ताकि गुलदार को एक से अधिक लोगों के एक साथ होने का भ्रम हो। माना जा रहा है कि गुलदार भीड़ पर हमला नहीं करता। वहीं वन अधिकारी खुद ग्रामीणों को ऐसे क्षेत्रों में समूह में खेतों पर जाने की सलाह दे रहे हैं।

वन्य जीव विशेषज्ञ जोएल लायल कहते हैं कि रात के समय सबसे ज्यादा खतरनाक यदि कोई वन्य जीव हो जाता है तो वह गुलदार ही है। यह कहीं से भी हमला करता सकता है और यह पेड़ पर भी चढ़ने में माहिर होता है। जहां गुलदार होने की संभावना हैए वहां ग्रामीणों को समूह में ही जाना चाहिए। यदि अकेले हैं तो रात में मोबाइल की टार्च जलाकरए तेज आवाज के डायलॉग फिल्म चलाना गुलदार के हमले से बचाने में सहायक हो सकते हैं।

डीएफओ डॉण्अनिल पटेल कहते हैं कि जनपद के ग्रामीण इलाकों से गुलदार देखे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्हें सतर्क रहनेए समूह में खेत पर जानेए खेतों पर जाकर हाका करनेए मोबाइलए रेडियो से लगातार तेज ध्वनि करने की सलाह दी जा रही है। मोबाइल से तेज डायलॉग फिल्म चलाना भी कारगर साबित हो सकता है।

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