नैनीताल। एटीएम कार्ड क्लोनिंग के जरिये लोगों के खाते से रकम उड़ाने वाले गिरोह के एक बदमाश को अल्मोड़ा पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह उन लोगों को अपना शिकार बनाता था, जिन्हें एटीएम चलाने के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती है। गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी पुलिस ने चिह्नित किया है। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसएसपी पंकज भट्ट ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। अभियुक्त के पास से एक कार, एक मोबाइल और चार हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। इधर, डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर घटना का खुलासा कर अल्मोड़ा पुलिस को बधाई दी।
31 अक्तूबर को गनाई थाना चौखुटिया निवासी मंगल सिंह ने उनके खाते से चालीस हजार और दो नवंबर को जमणिया अल्मोड़ा निवासी दीपा देवी ने खाते से तीस हजार रुपये अज्ञात व्यक्ति की ओर से निकाले जाने की सूचना पुलिस को दी थी। दोनों मामलों में चौखुटिया थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसएसपी ने सीओ रानीखेत तपेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की।
एसओजी को भी ठगों की धरपकड़ के लिए लगाया गया। छानबीन करते हुए पुलिस ने चौखुटिया, द्वाराहाट और रानीखेत क्षेत्र के 150 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसमें एक कार में सवार लोगों की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं। कार की तस्दीक के बाद पुलिस ने ग्राम घडवाल, तहसील गौहाना जिला सोनीपत हरियाणा निवासी कार चालक अशोक कुमार पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में अशोक ने बताया कि उसने अपने साथी को रवि निवासी ग्राम घडवाल तहसील गौहाना जिला सोनीपत हरियाणा, रिंकू निवासी उगलाना थाना बॉस हिसार और संदीप निवासी भूताला जिंद हरियाणा के साथ मिलकर एटीएम कार्ड क्लोनिंग के जरिये उक्त वादियों के खातों से नकदी निकालने की बात कबूली। इसके बाद अशोक को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया।
नैनीताल, रानीखेत, चौखुटिया, द्वाराहाट, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार से की क्लोनिंग
अशोक ने बताया कि शुरूआत में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, यूपी और दिल्ली जाकर एटीएम की रेकी की। वह ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते जिन्हें एटीएम चलाने की जानकारी के बारे में जानकारी नहीं थी। उनकी मदद करने के नाम पर वह एटीएम कार्ड स्कैन कर लेते थे। कुछ समय पूर्व उत्तराखंड आने पर उन्होंने नैनीताल, रानीखेत, चौखुटिया, द्वाराहाट, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश और हरिद्वार में एटीएम की रेकी की। इसके बाद मध्य प्रदेश जाकर एटीएम के क्लोन तैयार कर खातों से रुपये निकाले।
रोजगार नहीं मिला तो क्लोनिंग करने लगा अशोक
पुलिस पूछताछ में अशोक ने बताया कि वह 12वीं पास है और नौकरी की में तलाश कर रहा था। नहीं मिलने पर वह अपने साथियों के साथ मिलकर एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करने में लग गया। पहली बार में ठीक-ठाक रकम हाथ लगने पर उसने । शार्टकट में पैसा कमाना अच्छा लगने लगा। आगे उन्होंने उत्तराखंड को अपना टारगेट बनाया था। पुलिस टीम में थाना प्रभारी चौखुटिया दिनेश नाथ महंत, एसआई देवेंद्र सिंह राणा, सुनील धानिक, मनोहर सिंह मेहरा, कांस्टेबल दीपक कुमार, रानी, संदीप सिंह, मनमोहन सिंह, भूपेंद्र पाल शामिल थे।

