चंडीगढ़ ! केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान 250 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने न केवल विकास कार्यों का ब्यौरा दिया, बल्कि विपक्षी दल कांग्रेस पर भी कड़ा प्रहार किया। शाह ने अपने भाषण में कांग्रेस की नीतियों और उनके नेताओं के पुराने बयानों को लेकर तीखी आलोचना की।
1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस चर्चित बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि 'जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है'। शाह ने आरोप लगाया कि आज राहुल गांधी भी सिखों के पुराने जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं और दिल्ली में जलसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सिखों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है और उनके घावों को भरने के बजाय उन्हें कुरेदने का काम किया है।
गृह मंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' (नकली संसद) पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को चाहिए कि वह राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाकर उसी मॉक पार्लियामेंट में बैठा दे, क्योंकि वास्तविक दुनिया में उनका प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं होने वाला है। शाह ने कहा कि जनता वास्तविकता और दिखावे के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है।
चंडीगढ़ के विकास को लेकर उन्होंने प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि केंद्र सरकार शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है। इन परियोजनाओं से स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और भाजपा के कई प्रमुख नेता भी उपस्थित
