बिजनौर | उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के स्योहारा क्षेत्र के ग्राम रामखेड़ा से एक चौंका देने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है। यहां करीब नौ साल पहले सांप के काटने से मृत मानकर जल प्रवाह किए गए युवक सोनू के जीवित लौट आने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे।
सोनू पुत्र पप्पू निवासी रामखेड़ा, करीब नौ वर्ष पहले सर्पदंश का शिकार हो गया था। घटना के अनुसार वह रात में घर में सोते समय सांप के काटने से बेहोश हो गया था। परिवारवालों ने उसे डॉक्टर को दिखाया, लेकिन इलाज के दौरान बिना किसी मेडिकल प्रमाण के उसे मृत मान लिया गया। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार रामगंगा बैराज, बिजनौर में उसका जल प्रवाह कर दिया गया।
हाल ही में सोनू को बिजनौर के पास नहटौर क्षेत्र के सराय गांव में देखा गया। वह वहां बीन बजाकर भीख मांग रहा था। इसी दौरान गांव की एक लड़की ने उसे पहचान लिया और इसकी सूचना तुरंत उसके परिजनों को दी। खबर मिलते ही पूरे रामखेड़ा गांव में हलचल मच गई। सोनू के घर लौटते ही पिता, भाई और बहन भावुक होकर रो पड़े। हालांकि, सोनू की मां का कुछ साल पहले निधन हो गया था, जिससे वह उन्हें फिर से नहीं देख सका।
सोनू ने बताया कि सांप के काटने के बाद वह मरा नहीं था, बल्कि कुछ साधुओं ने उसे बचा लिया था। वह कई वर्षों तक हरिद्वार, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में साधुओं के साथ भटकता रहा। समय के साथ उसे अपनी पहचान और परिवार की याद आने लगी, जिसके बाद उसने गांव लौटने का प्रयास शुरू किया और आखिरकार वह अपने घर पहुंच ही गया। इस घटना ने पूरे गांव को हैरानी और भावनाओं से भर दिया है। लोग इस घटना को ‘दैवी चमत्कार’ मान रहे हैं। सोनू की वापसी पर गांव में भीड़ जमा हो गई और लोग उसकी कहानी सुनने के लिए उमड़ पड़े।

